इस्लामिक मातमी पर्व मुहर्रम के अवसर पर रीठी नगर पूरी श्रद्धा, अदब और अकीदत के रंग में रंगा दिखाई दिया।
रीठी मोहर्रम कमेटी एवं नौजवानों द्वारा बस स्टैंड मुख्य मार्ग के किनारे शहीदाने कर्बला की याद में एक अत्यंत मार्मिक और भाव-विभोर कर देने वाला कार्बला का दृश्य तैयार किया गया, जिसने हर आने-जाने वाले का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इस आकर्षक प्रस्तुति में कर्बला की जंग के विभिन्न दृश्य जीवंत रूप में दशीए गए हैं। कहीं घोड़ों पर सवार हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के बहादुर साथी सत्य और इंसाफ की रक्षा के लिए संघर्ष करते दिखाई देते हैंतो कहीं फरात नदी से प्यासे बच्चों के लिए पानी लाने के प्रयास का भावुक दृश्य लोगों की आंखें नम कर देता है। इस जीवंत प्रस्तुति के माध्यम से कर्बला की अमर कुर्बानी, सब्र, त्याग और इंसानियत का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया गया है। इस दृश्य के दर्शन और धर्मलाभ के लिए अकीदतमंदों की लगातार भीड़ उमड़ रही है, और हर कोई रीठी के नौजवानों की इस रचनात्मक पहल की खुलकर प्रशंसा कर रहा है।
क़त्ल की रात पर हुआ विशेष मजलिस और मसिंया प्रोग्राम
वहीं मुहर्रम की 9वीं तारीख, जिसे इस्लामी परंपरा में “क़त्ल की रात” के रूप में याद किया जाता है, नगर के विविध इमामबाड़ों और धार्मिक स्थलों पर मजलिसों, मर्सिया और शहीदी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इल्माओं और मौलानाओं ने अपने दर्दभरे और हदयस्पर्शी बयानों में कर्बला की ऐतिहासिक घटना का वर्णन करते हुए कहा कि इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके साथियों की शहादत केवल एक धार्मिक घटना नहीं, बल्कि सत्य, न्याय, ईमान, मानवता और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष का ऐसा अमर संदेश है, जो पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के नवासे l इमाम,हुसैन और उनके 72 साथियों ने इराक के कर्बला ए मैदान में दी गई कुर्बानी की याद में मनाए जाने वाले शहादत का पर्व मुहर्रम की दसवीं तारीख दिन शुक्रवार की शाम को मनाया गया l
मुस्लिम धर्मावलंबियों ने मोहर्रम मातमी पर्व बैंड बाजों के साथ अपने इमामबाड़ा से सवारियां उठकर, ताजिया जुलूस निकाला गया । जिनमे मुनीर खान अखाड़े की ताजिया व सवारी, गफ्फार खान, अखाड़े की ताजिया, झिराई की ताजिया व सवारी और सलीम बाबा की सवारी शामिल रही। जिनमे ताजिया जुलूस मैं मुस्लिम महिलाओं के द्वारा इमाम हुसैन की याद मैं मरसिया पढ़ा जा रहा था । जो रीठी नगर का गस्त करते हुए थाने से वापस गोल बाजार मैं पहुंचकर,इमाम हुसैन को याद करते अपने करतब दिखाए, तो वही बस स्टेट मैं मैदान ए कर्बला का दृश्य भी बनाया गया था । जहा सभी सावरिया शजदा करते हुए सिंघिया अखाड़ा में सवारी व ताजिया ठंडे हुए ।
ताजिया जुलूस में इस्लामी अंजुमन कमेटी के सदस्यों और तमन्ना टी स्टाल द्वारा स्टॉल लगाकर मिस्ठान व लंगर, शरबत का आयोजन भी किया गया था l तो वही भाईचारा का परिचय देते हुए सविधान एकता ब्लॉक संघ रीठी द्वारा भी स्टॉल लगाकर तबर्रुख वितरण का आयोजन किया गया l
जिसमे बहोरी लाल,अनंत लाल,राजू (तिघरा) राजू, हरिशंकर बेन,श्रीमती रजनी टैगोर, सीता बाई,भानु प्रताप,रतिलाल, पप्पू सूर्यवाशी,लक्ष्मी,आदि संगठन के कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही l
हरिशंकर बेन


