*वन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूरे मामले की जांच जारी है।
यह घटना विजयराघवगढ़ क्षेत्र के घुघरी-कांटी गांव के समीप स्थित जंगल की है। गुरुवार सुबह गश्त के दौरान वन विभाग की टीम को तालाब के आसपास करीब 100 मीटर के दायरे में 12 चीतल और 2 सांभर मृत अवस्था में मिले। इसके बाद मौके पर डॉग स्क्वॉड और वन अमले ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जांच के दौरान डॉग स्क्वॉड घुघरी गांव में एक संदिग्ध के घर तक पहुंचा, जहां तलाशी में ताजा खून के निशान, वन्य जीवों के बाल, मांस, शिकार में इस्तेमाल होने वाले फंदे और अन्य उपकरण बरामद किए गए। वन विभाग ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर दो अन्य आरोपियों को गडौरी गांव से गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। डीएफओ गर्वित गंगवार ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने तालाब के पानी में जहर मिलाने की बात स्वीकार की है। आशंका है कि जहरीला पानी पीने से ही वन्यजीवों की मौत हुई। सभी मृत चीतल और सांभर का पोस्टमार्टम कर अंतिम संस्कार कराया गया है, जबकि तालाब के पानी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों की पुष्टि होगी।
बाइट – डीएफओ गर्वित गंगवार


