*योगेश गजभिये पांढुरना*.पांढुर्णा शहर के मध्य एसडीएम कार्यालय के समीप स्थित वीरांगना रानी दुर्गावती स्मारक परिसर जवाहर पार्क पर वीरांगना रानी दुर्गावती को श्रद्धांजलि अर्पित कर स्मरण किया गया,
श्रद्धांजलि के इस कार्यक्रम में सांसद विवेक बंटी साहू, नगरपालिका अध्यक्ष संदीप घाटोड़े, शिक्षक किष्नु कवडे़ती,पवार समाज के प्रदेश अध्यक्ष प्रशांत पराडकर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष प्रकाश बंटी छांगाणी जी और कार्यकर्ताओं द्वारा विरांगना रानी दुर्गावती के छायाचित्र की पूजा अर्चना माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई, पार्षद श्री दुर्गेश उईके ने बताया की भारत की महान विरांगना रानी दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 को हुआ था, दुर्गाष्टमी पर जन्म के कारण ही रानी के माता-पिता ने नाम दुर्गावती रखा गया,नाम के अनुरूप ही वह तेज,साहस, शोर्य, पराक्रम, और शस्त्र विद्या में निपुणता के कारण रानी की प्रसिद्धि देश के अनेकों राज्यों में गुंजायमान थी, रानी का विवाह गढ़ मंडला के राजा संग्रामशाह के सुपुत्र दलपतशाह से हुआ,राजा दलपतशाह की मृत्यु के बाद मध्यप्रदेश गोंडवाना राज्य में रानी ने 16 वर्ष कुशल शासन किया मुगल आक्रमणकारीयों को अनेकों बार युद्ध में हराया और 24 जून 1564 को रानी दुर्गावती मातृभूमि, स्वाभिमान और समाज की रक्षा करते हुए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया,विरांगना रानी दुर्गावती ने भारत के प्रत्येक नागरिकों को संगठित रहने और शिक्षा,स्वास्थ्य,कृषि,विज्ञान, समानता,समाजिक समरसता की अलख जगाई थी,,आज हम सभी को विरांगना रानी दुर्गावती से प्रेरणा लेके उनके बताए पथ चिन्हो पर चलने की आवश्यकता है, श्रद्धांजलि के इस कार्यक्रम में पूर्व जिला महामंत्री राजू नरोटे, पूर्व मंडल अध्यक्ष नरेश कलंबे, सभापति महेंद्र घोडे, उमेश उरकुडे, पार्षद प्रशांत दाढे, सतीश बांबल, युवा नेता कमलेश राठौर, उत्तम झा, महेंद्र टेकाम, महेश उत्तकर, हंसराज कडवे,रोशन कोल्हे, मल्होत्रा मेडम, संजूलता सोनवंशी, सीमा मेश्राम, प्रकाश धुर्वे, सोहन उईके, बलराम तुमडाम, जितेन्द्र, हरि उईके कुमरे, चेतन सिरसाम, बाबूलाल इरपाची, छाया वाडिवा, अरूणा सलामे, नंदनी इवनाती, बरखा मर्सकोले आदि कार्यकर्ता गणमान्य नागरिक शामिल रहें।


