*योगेश गजभिये पांढुरना*.एक ओर मानसून की बारिश जारी है, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका पांढुर्णा द्वारा 73 लाख रुपये की लागत से ठेकेदार देव कंस्ट्रक्शन के माध्यम से कराए जा रहे सड़क डामरीकरण कार्य को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि तेज बारिश के दौरान भी सड़क पर डामर बिछाने का कार्य जारी रखा गया, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर आशंका व्यक्त की जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार नगर पालिका की क्रियान्वयन एजेंसी एवं ठेकेदार देव कंस्ट्रक्शन द्वारा वर्षा के बीच ही डामरीकरण कराया गया। नागरिकों का कहना है कि सामान्यतः डामरीकरण कार्य शुष्क मौसम और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाता है। ऐसे में लगातार बारिश के दौरान किए गए कार्य की गुणवत्ता और उसकी दीर्घायु को लेकर संदेह उत्पन्न होना स्वाभाविक है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मापदंडों के विपरीत परिस्थितियों में किया गया है, तो सड़क के समय से पहले क्षतिग्रस्त होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इससे भविष्य में पुनः मरम्मत की आवश्यकता पड़ सकती है, जिससे 73 लाख रुपये की सार्वजनिक राशि के उपयोग और निर्माण की गुणवत्ता पर भी प्रश्न उठ सकते हैं।
नागरिकों ने संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि 73 लाख रुपये की लागत से देव कंस्ट्रक्शन द्वारा किए जा रहे इस डामरीकरण कार्य की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि कार्य प्रचलित मानकों, विभागीय दिशा-निर्देशों एवं अनुबंध की शर्तों के अनुरूप किया गया है या नहीं। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।


