कटनी जिले के रीठी रेलवे स्टेशन पर आज 22 जून को अपनी मुख्य मांग कोटा- जबलपुर ट्रेन का संचालन दोबारा शुरू करने या उसके स्थान पर दयोदय एक्सप्रेस का रीठी स्टेशन पर स्टॉपेज देने को लेकर क्षेत्रवासियों का आक्रोश आखिरकार खुलकर सोमवार को सामने आया। ग्रामीणों ने प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन के लिए सुबह 10 बजे रेलवे स्टेशन की ओर पूरे जोश के साथ निकल पड़े l आंदोलन के मद्देनजर रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल, राजस्व आमला सहित तैनात किया गया था l
अंदोलनकारियो द्वारा लगभग 4 घंटे चले धरने के बाद प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन को उस समय टाल दिया गया l जब जबलपुर जोन कार्यालय से पहुंचे रेलवे अधिकारियों ने आंदोलनकारियों को 45 दिन के भीतर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर निर्णय लेने का आश्वासन दिया।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि
लंबी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग कई वर्षों से की जा रही है, किंतु अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वही कोरोना काल से पहले चलने वाली कोटा- जबलपुर ट्रेन इस क्षेत्र के लिए जीवनरेखा के समान थी। यह ट्रेन न केवल जबलपुर संभाग से संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम थी, बल्कि विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, मजदूरों तथा छोटे व्यापारियों के लिए भी अत्यंत उपयोगी थी। जिसे कोरोना महामारी के दौरान इस ट्रेन का संचालन बंद कर दिया गया, लेकिन परिस्थितियां सामान्य होने के बाद भी इसे पुनः प्रारंभ नहीं किया गया। इससे क्षेत्र के हजारों यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
अब पूरे क्षेत्र की निगाहें रेलवे प्रशासन पर टिकी हैं। आने वाले डेढ़ महीने में रेलवे द्वारा ,लिया जाने वाला निर्णय यह तय करेगा कि क्षेत्रवासियों का भरोसा कायम रहता है या फिर आंदोलन का स्वर और अधिक मुखर होता है।
हरिशंकर बेन


