MP NEWS CAST मनीष गौतम
*रात 2 बजे संयुक्त टीम ने की कार्रवाई,17 वर्षीय बालिका का विवाह रुकवाया*
*परिजनों को बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की कन्या का विवाह कानूनन अपराध है*
कटनी – विकासखण्ड कटनी के ग्राम जरवाही में बीते रविवार और सोमवार की दरमियानी रात करीब 2 बजे होने जा रहे बाल विवाह को कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा गठित महिला एवं बाल विकास ,राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त कोर टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए रोक दिया। बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर प्राप्त हुई थी की, ग्राम जरवाही में एक 17 वर्षीय बालिका का बाल विवाह हो रहा है, इस पर मुस्तैद जिला प्रशासन की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से इसे रुकवाया गया।
चाइल्ड हेल्पलाइन से सूचना प्राप्त होते ही महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति कटनी एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।
*दस्तावेजों की जांच कर की कार्यवाही*
जिला प्रशासन की संयुक्त टीम में सम्मिलित श्री मनीष तिवारी, बाल संरक्षण अधिकारी, कटनी, श्री योगेश बघेल, अध्यक्ष एवं श्री दुर्गेश शर्मा, सदस्य, बाल कल्याण समिति कटनी एवं श्री संजय दुबे, थाना प्रभारी, माधव नगर द्वारा मौके पर पहुँच कर पाया गया कि बालिका के विवाह की तैयारी की जा रही थी। संयुक्त टीम द्वारा बालिका के आयु सम्बन्धी दस्तावेजों की जाँच की गई। बालिका के जन्म प्रमाण पत्र अनुसार उसकी आयु 17 वर्ष पाई गई।जो विवाह की वैधानिक आयु से कम थी।
*परिजनों को परामर्श देकर रुकवाया बाल विवाह*
प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा बालिका के परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने परिजनों को बताया कि विवाह के लिए बालिका की वैधानिक आयु 18 वर्ष है। इससे कम आयु में होने वाला विवाह बाल विवाह कहलाता है और यह कानूनन अपराध है। जिला प्रशासन की टीम द्वारा परिजनों को समझाइश और परामर्श दिए जाने के बाद परिजनों ने सहमति व्यक्त की कि वे अब बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद ही करेंगे।
इस तरह कलेक्टर श्री तिवारी के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की टीम की त्वरित कार्यवाही से बाल विवाह रोका गया ।


