सुनिऐ जुबानी
मध्यप्रदेश के कटनी जिले में सुर्खियों मैं छाया हुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी एक बार फिर अपनी ही कार्यप्रणाली से सवालों के घेरे में आ गया l शासन द्वारा चलाई जा रही स्वास्थ्य सेवाएं को लेकर यहां के कर्मचारी इतने सजग हैं जिसका आप कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकते l
अपने दायित्व का निर्वाह करते हुए स्थानीय मीडिया द्वारा लगातार सच का आईना ,शासन प्रशासन और आमजनों को दिखाने का कार्य लगातार किया लेकिन विभाग अपनी जिम्मेदारी को भूलकर कार्यवाही की जगह खबरों का खंडन और सफाई देने का कार्य करती है l
गौरतलब यह कि विगत दिनांक 1/6/2026 दिन सोमवार को बिल्ली के काटने पर अस्पताल पहुंचे युवक को नर्सो ने डाटा,, की खबर को प्रकाशित किया गया था l जिसमें रीठी प्रभारी बीएमओ द्वारा खबर का खंडन करते हुए फोन के माध्यम से कहा कि युवक 10 नंबर वार्ड में पहुंच ही नहीं था l सभी जगह चेक करा लिया गया है l ख़बर झूठी है l
वही सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी अनुसार दिनांक 1/6/2026 को अपनी जिम्मेदारियों से मुख मोड़ते हुए मरीजों को भगवान भरोसे छोड़कर सभी लोग साम के समय स्थानीय मीडिया के खिलाफ जिला कलेक्टर को रीठी तहसील कार्यालय सरकारी वाहन से पहुंचकर ज्ञापन सौंप दिया गया l जिसमे दिनांक 20/5/2026 और 1/6/2026 मैं प्रकाशित हुई खबरों के खंडन की छायाप्रतिया संलग्न की जाती है l
कहते है न ,यदि पुलिस चाह ले तो पाताल से भी अपराधी को निकाल ले आती है l ठीक उसी प्रकार पत्रकार भी l जो जमीन मैं गड़ी हुई सच्चाई निकलकर आईने की तरह सच, जानता को दिखाकर ही दम लेती है l
आपको बता दे कि बीते दिन सोमवार की दिनांक 1/6/2026 को रघुवीर लोधी l ग्राम गोदना निवासी अपने रिश्तेदार गीता लोधी को इलाज करवाने साथ मैं लेकर अस्पताल पहुंचा था l जहा रघुवीर लोधी ने अपना आंख के इलाज की पर्ची रजिस्ट्रेशन क्रमांक 15309 कटवाई और गीता लोधी की बिल्ली के काटने पर इलाज करवाने की पर्ची रजिस्ट्रेशन क्रमांक 15300 कटवाई l
और दोनो ने ओपीडी में तैनात किए गए नेत्र सहायक चिकित्सको से अपना इलाज लिखवाया l फिर अचानक यह कैसे हो सकता हैं की ,एक को दवाइयां दी गई और दूसरे को डाट कर भगा दिया गया l जिससे पर दुखित होकर रघुवीर को निरीक्षण में पहुंची जिला पंचायत सदस्य माला मौसी और मीडिया के सामने अपनी पीड़ा बताना क्या गलत है क्या,,? l
खबर प्रकाशन के बाद जब मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया तो स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया l जहा पर्ची में उलट फेर किया गया जिसमें स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि दिनांक 1 जून को काटी गई गीता बाई लोधी की पर्ची में रोग वाले कालम में किसी अन्य स्वस्थ कर्मी द्वारा 28/5/2026 की दिनांक को क्यों दर्शाया गया और किसने दर्शाया,,,,? जबकि दोनो की हैंड राइटिंग अलग है l वही जब 4 जून को रघुवीर लोधी , गीता बाई लोधी को पर्ची में लिखे इलाज एंटी रेबीज वैक्सीन को लगवाने के लिए गया तो, वहा तैनात डॉक्टर ने 4 जून को वैक्सीन लगा के साथ साथ 1 जून की तारीख भी अंकित कर दी गई l जो यह एक बहुत बड़ा सवाल है आखिर सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ क्यो,,,,क्या ऐसे कर्मचारियों पर जांच कर कार्यवाही नहीं होनी चाहिए क्या,,? जनता जवाब मांग रही है l
हरिशंकर बेन


