भोपाल। लोकायुक्त संगठन में सामने आए कथित स्टिंग ऑपरेशन और संदिग्ध गतिविधियों के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। लोकायुक्त विशेष पुलिस स्थापना के महानिदेशक (ADG) द्वारा जारी आदेशों के अनुसार भोपाल लोकायुक्त में पदस्थ दो उप पुलिस अधीक्षक (DSP) को तत्काल प्रभाव से संगठन से हटाकर पुलिस मुख्यालय भेज दिया गया है। वहीं तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है तथा दो अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मीडिया में प्रकाशित खबरों और वीडियो रिकॉर्डिंग में सामने आई संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। लोकायुक्त मुख्यालय द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कदम उठाए गए हैं।
दो DSP को लोकायुक्त से हटाया गया
जारी आदेश के अनुसार भोपाल लोकायुक्त में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक मंजू सिंह एवं बी.एम. त्रिवेदी को तत्काल प्रभाव से लोकायुक्त संगठन से हटाकर पुलिस मुख्यालय, भोपाल वापस भेज दिया गया है।
तीन कर्मचारियों को किया निलंबित
मामले में प्रथम चरण की कार्रवाई के तहत तीन कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इनमें एक प्रधान आरक्षक और दो आरक्षक शामिल हैं। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार मुख्यालय में संबद्ध रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दो कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव
लोकायुक्त संगठन ने दो अन्य कर्मचारियों के विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। इनमें एक प्रधान आरक्षक तथा एक संविदा वाहन चालक शामिल हैं। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रस्ताव संबंधित सक्षम अधिकारियों को भेजा गया है।
जांच के निर्देश
महानिदेशक द्वारा उप पुलिस अधीक्षक (प्रशासन) को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कर शीघ्र प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लोकायुक्त संगठन की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी की साख बनाए रखने और संगठन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मामले की जांच जारी है और आगामी दिनों में और भी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।


