शासन ने पीएचई विभाग के माध्यम से ग्रामीण अंचलों में पेयजल आपूर्ति के लिए हैंडपंपों के अलावा नल-जल योजना से घर घर पानी देने की व्यवस्था का दावा किया था l लेकिन सालों बीतने के बाद भी यह योजना का लाभ धरातल पर ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। परिणाम यह है कि करोड़ों रुपए खर्च कर गांवों में टंकी निर्माण, पाइप लाइन बिछाना,
घर-घर नल कनेक्शन देना आदि का निर्माण करने के बाद भी ग्रामीण एक किमी दूर से पानी लाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। विभागीय अफसरों और ग्राम पंचायतों की लापरवाही के चलते नल-जल योजना से ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं मिल रहा है l
गौरतलब यह है कि कटनी जिले की रीठी जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत मुहास के वार्ड क्रमांक 7/8 मैं बिछाई गई पानी की पाइप लाइन मैं गुम्मा लगाकर रोजाना यहां के रहवासी दिन भर पानी की उम्मीद लगाकर बैठे रहते है परंतु पाइप लाइन से पानी की एक बूंद भी नही गिरती है l
रहवासियों ने बताया कि दूर चल रहे जल में और हैंडपंप से पानी लाना होता है l वहीं कुछ हेंडपंपों से पानी जग हवा निकल रही है l जो ग्रामीणों की प्यास बुझाने में असमर्थ है। लगातार जल स्तर कम होने के कारण हैंडपंप भी साथ छोड़ रहे हैं। लेकिन विभागीय अफसरों और पंचायत के जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने पानी के लिए कोई प्रयास नहीं किए है जिसके चलते ग्रामीणजन परेशान होने पर मजबूर है।
गांव की पानी जैसे अन्य कार्यों की पंचायत ने मासिक बैठक भी नही ली जाती l और न ही पानी की व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों और अधिकारियों ने अभी तक कोई कार्य योजना नहीं बनाई है। जिससे गांव में सब कुछ भगवान भरोसे ही संचालित किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों और कर्मचारियों से माैखिक सुचारू रूप से नल- जल योजना चालू करवाने की बात कह चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई प्रयास नहीं किए है।
वही ग्रामीणों ने विभागीय उच्च अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हुए मांग की है कि गांव में सुचारू रूप से नल जल योजना चालू करवाई जाए ताकि पीने की पानी की समस्या से छुटकारा मिल सके l
हरिशंकर बेन


