कटनी जिले के रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक और लापरवाही का मामला सामने आया है।
बताया जाता है कि कराहिया नंबर 1 की ग्राम मझगवा निवासी व्यक्ति बिल्ली के काटने से पर अपना इलाज कराने अस्पताल पहुंचा तो ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्सों ने उसे डांटकर भगा दिया गया ।
वही अस्पताल का जायजा लेने पहुंची जिला पंचायत सदस्य माला मौसी को पीड़ित मरीज ने अपनी आपबीती सुनाई l
गौरतलब है कि रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैं वर्षों से जमे कर्मचारियों को हटाए जाने और स्वस्थ्य व्यवस्था सुधार की मांग को लेकर ,वार्ड क्रमांक 9 की जिला पंचायत सदस्य माला मौसी ने जिला मुखिया को ज्ञापन सोपा था l जिसमें साफ लिखा था l कि 7 दिवस के अंदर कोई कार्यवाही नहीं हुई तो वह जनहित मैं अस्पताल के सामने धरने पर बैठने को मजबूर होगी l
जिसको लेकर सोमवार की सुबह 10.30 बजे सरकारी अस्पताल पहुंची l जहा भर्ती मरीजों से इलाज की जानकारी ली और स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कई अव्यवस्थाएं सामने आईं। डॉक्टरों की अनुपस्थिति और बंद कार्यालयों को देख उन्होंने जमकर नाराजगी जताई
ओपीडी में मरीजों की भीड़ मिली, लेकिन डॉक्टर मौजूद नहीं थे। जानकारी लेने पर पता चला कि नेत्र सहायक ही मरीजों का उपचार कर रहे थे बॉन्ड वाले डॉक्टरों का भी कोई पता नहीं था । जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र देने वाले जैसे अन्य कार्यालय बंद पाए जाने से व्यवस्थाओं की पोल खुल गई । यहां तक कि बिल्ली के काटे जाने से घायल हुआ एक मरीज, जब अपना इलाज कराने अस्पलत पहुंचा तो उसे नर्शो द्वारा डांट कर भागा दिया जाता है l
जबकि नियम नुसार
नेशनल रैबीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत कुत्ता, बिल्ली, बंदर, नेवला के काटने पर सरकारी अस्पताल में फ्री में एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई जाती है। मना करने पर यह लापरवाही की श्रेणी में आता है।
इनका कहना है
मामला मेरे संज्ञान में आया है जिसकी जांच करा, तुरंत कार्रवाई की जाएगी l
डॉ. आशित निगम बीएमओ रीठी


