*योगेश गजभिये पांढुरना*.लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग पांढुर्णा (PHED) द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में विभागीय मैदानी अमले के माध्यम से ग्राम पेंढोनी, राजडोंगरी, उमरामुकता सहित विभिन्न ग्रामों में जल संचय एवं जल संरक्षण को लेकर सतत प्रयास किए जा रहे हैं। “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत संचालित यह गतिविधियां जल संरक्षण की दिशा में एक मजबूत एवं महत्वपूर्ण कड़ी बनकर सामने आ रही हैं।
विभाग द्वारा ग्रामीण स्तर पर लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए यह संदेश दिया जा रहा है कि जब तक प्रत्येक परिवार जल संचय की अहमियत को नहीं समझेगा, तब तक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने का संकल्प पूर्ण रूप से सफल नहीं हो सकेगा। अभियान के माध्यम से ग्रामीणों को जल के महत्व एवं उसके संरक्षण के प्रति व्यवहारिक बदलाव लाने हेतु प्रेरित किया जा रहा है।
जल शपथ के माध्यम से पानी बचाने एवं जल स्रोतों को संरक्षित रखने का लिया जा रहा संकल्प
अभियान के दौरान ग्रामीणों को “जल शपथ” दिलाई जा रही है, जो केवल कुछ पंक्तियां नहीं बल्कि जल संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी एवं व्यवहार परिवर्तन का संकल्प है। ग्रामीणों द्वारा यह संकल्प लिया जा रहा है कि वे पानी की एक-एक बूंद को व्यर्थ बहने से रोकेंगे, अपने गांव के पारंपरिक कुओं एवं बावड़ियों को स्वच्छ रखेंगे तथा उनमें कचरा नहीं फेंकेंगे।
इसके साथ ही ग्रामीणों को यह भी प्रेरित किया जा रहा है कि जिस प्रकार परिवार के भविष्य के लिए धन का संचय किया जाता है, उसी प्रकार आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन के लिए आज से ही जल का संचय करना भी अत्यंत आवश्यक है।
विभाग द्वारा “हर घर जल संचय” को केवल एक नारा नहीं बल्कि जल संकट से निपटने एवं भविष्य को सुरक्षित करने का सबसे प्रभावी मंत्र बताया जा रहा है। जिस प्रकार शासन द्वारा “हर घर जल” योजना के माध्यम से प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाया जा रहा है, उसी प्रकार प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह अपने घर के स्तर पर जल संरक्षण एवं जल संचय को प्राथमिकता देते हुए पानी को सहेजने का कार्य करे।


