रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। थाना देहात पुलिस ने शिवम वेयर हाउस में हुई गेहूं चोरी की बड़ी वारदात का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी में प्रयुक्त ट्रैक्टर-ट्रॉली,मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन,नगदी
और अन्य सामान सहित करीब 6 लाख रुपये का मशरूका जब्त किया है। मामले में शामिल दो आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। बताया जाता है कि वेयरहाउस चोरी का मास्टरमाइंड अर्पित सोलंकी निवासी ठाकुर मोहल्ला रेसलपुर करीब 15 दिन पूर्व भी हाईकोर्ट से जमानत पर आया था और उसके बाद ही अपने साथियों के साथ उसने शिवम वेयरहाउस को निशाना बनाया। यह बात भी सामने आई है कि वेयरहाउस में सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने से पुलिस को जांच में भारी दिक्कत हुई। वहीं एसडीओपी जितेंद्र पाठक ने बताया कि 25 मई 2026 को शांतिनगर निवासी व्यापारी मनीष नवलानी ने थाना देहात में शिकायत दर्ज कराई थी कि कुलामढ़ी बायपास स्थित उनके शिवम वेयर हाउस के गोदाम नंबर-1 का पीछे का शटर तोड़कर अज्ञात चोर करीब 65 कट्टे गेहूं चोरी कर ले गए। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पुलिस टीम ने करीब 200 सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कोरी मोहल्ला जुमेराती निवासी शुभम मालवीय को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ चोरी करना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने अर्पित सिंह सोलंकी निवासी रैसलपुर, अरुण मालवीय निवासी रैसलपुर, विक्रम उर्फ सन्नाटा निवासी रैसलपुर,राहुल उर्फ लालू कटारिया निवासी रैसलपुर और सुनील कीर निमसाड़िया को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात से पहले वेयर हाउस की रेकी की गई थी। चोरी किए गए गेहूं को ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरकर अलग-अलग व्यापारियों को बेच दिया गया और रकम आपस में बांट ली गई। मामले में अभी दो आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। उन्होंने वेयरहाउस मालिकों, दुकान संचालकों और मकान मालिकों से अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अपने प्रतिष्ठानों और घरों में अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाएं, ताकि आपराधिक गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके और अपराधियों तक आसानी से पहुंचा जा सके।
उक्त कारवाही में देहात थाना प्रभारी सौरभ पाण्डेय, उपनिरीक्षक अरविंद बेले, प्रधान आरक्षक मनोज निमोदा, ललित नारे, नवीन दुबे, आरक्षक नर्मदा प्रसाद, कपिल विश्वकर्मा,जितेंद्र नखे, प्रेमप्रवीण बड़ोदे, सतीराम उइके, महेंद्र सिंह धुर्वे एवं साइबर सेल टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


