कटनी। जमीयत उलेमा-ए-हिंद कटनी इकाई द्वारा गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई गई है। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यह मांग समाज में आपसी भाईचारा, शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को मजबूत करने के उद्देश्य से की जा रही है।
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के जनरल सेक्रेटरी अब्दुल कादिर खान ने बताया कि संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी एवं मध्यप्रदेश के मुफ़्तिये आज़म मौलाना अहमद साहब के विचारों का समर्थन करते हुए कटनी इकाई ने भी यह मांग रखी है। उन्होंने कहा कि गाय हिंदू समाज की आस्था का प्रमुख प्रतीक है, इसलिए उसके सम्मान और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाता है और गौवंश संरक्षण के लिए सख्त कानूनी प्रावधान बनाए जाते हैं, तो गाय के नाम पर होने वाले विवादों, हिंसा और सामाजिक तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है। संगठन का मानना है कि इससे समाज में शांति और सौहार्द का वातावरण मजबूत होगा।
इस अवसर पर हाफिज़ अब्दुल रहीम सहित जमीयत उलेमा-ए-हिंद कटनी के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। संगठन ने सभी समुदायों से आपसी सम्मान, भाईचारे और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।


