कटनी जिले के रीठी वन परिक्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण सीजन के बीच में ही रीठी क्षेत्र के फड़ को ठेकेदार द्वारा शासन से मिला टारगेट पूरा होने का हवाला देते हुए अचानक तेंदुपत्ता फड़ को बंद करवा दिया गया। जिसके कारण दर्जनों संग्राहक और फड़ मुंशी बेरोजगार होकर आर्थिक तंगी से जूझने लगे हैं। संग्राहकों का आरोप है कि सीजन अभी बाकी है और पत्ता तोड़ने लायक जंगल में पड़ा है, फिर भी ठेकेदार मनमानी कर रहे है।
नाम न बताने की शर्त पर फड़ मुंशी ने बताया कि ठेकेदार का आदमी आया और बोला आज से फड़ बंद कर दो । पूछने पर कहा ऊपर से आदेश है, टारगेट पूरा हो गया। वही महिला संग्राहक ने अपना दर्द भरी दास्तान सुनाई कि 3/4 किलोमीटर दूर पैदल चलकर जंगल मैं खतरो के बीच पत्ता तोड़कर लाए थे। फड़ पर बोरी रखी तो बोले वापस ले जाओ, आज से खरीद बंद। अब इस पत्ते का क्या करें कहा ले जाए परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार म.प्र. राज्य लघु वनोपज संघ हर साल तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए नई गाइडलाइन आदेश के मुताबिक सीजन की अवधि सरकार तय किया जाता है l ठेकेदार बीच में मनमाने तरीके से फड़ बंद नहीं कर सकता। वही वन विभाग हर साल तेंदूपत्ता संग्रहण का टारगेट तय करता है। आरोप है कि ठेकेदार कम दाम पर पत्ता खरीदकर टारगेट जल्दी पूरा दिखा देते हैं और सीजन बीच में ही बंद कर देते हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान और मजदूरों को मिलने वाला रोजगार का भी नुकसान होता है,,l
लेकिन सवाल ये है कि ,,क्या बीच सीजन में फड़ बंद किया जा सकता है? और इन मजदूरों का क्या होगा जिन्होंने जंगल जाकर पत्ता तोड़ा था,,,?”_
ग्रामीण मजदूरों की मांग है कि जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारी तुरंत फड़ दोबारा चालू कराया जाए l ताकि गरीब मजबूरो को रोजगार मिल सके l
इनका कहना है l
तेंदुपत्ता फड़ बंद होना ठेकेदार के ऊपर है उनका टारगेट पूरा होते ही फड़ बंद कर दिया गया,l
वन परिक्षेत्र अधिकारी,,,,
महेश पटेल रीठी


