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Home मध्यप्रदेश दमोह

*श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन राजा परीक्षित के प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए भक्त*

by Manish Gautam Chiefeditor
May 19, 2026
in दमोह
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*श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन राजा परीक्षित के प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए भक्त*
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*श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन राजा परीक्षित के प्रसंग सुन भाव-विभोर हुए भक्त*

दमोह– श्री देव श्यामलाधीश प्यासी मंदिर डाक्टर केदारनाथ शर्मा आशीर्वाद गार्डन के पास चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ कथा के दूसरे दिन कथा व्यास किशोरी वैष्णवी गर्ग जी जी ने राजा परीक्षित संवाद, शुकदेव जन्म सहित अन्य प्रसंग सुनाया। कथावाचिका ने शुकदेव परीक्षित संवाद का वर्णन करते हुए कहा कि एक बार परीक्षित महाराज वन में चले गए। उनको प्यास लगी तो समीक ऋषि से पानी मांगा। ऋषि समाधि में थे, इसलिए पानी नहीं पिला सके। परीक्षित ने सोचा कि साधु ने अपमान किया है। उन्होंने मरा हुआ सांप उठाया और समीक ऋषि के गले में डाल दिया। यह सूचना पास में खेल रहे बच्चों ने समीक ऋषि के पुत्र को दी। ऋषि के पुत्र ने शाप दिया कि आज से सातवें दिन तक्षक नामक सर्प आएगा और राजा को जलाकर भस्म कर देगा। समीक ऋषि को जब यह पता चला तो उन्होंने दिव्य दृष्टि से देखा कि यह तो महान धर्मात्मा राजा परीक्षित हैं और यह अपराध इन्होंने कलियुग के वशीभूत होकर किया है। समीक ऋषि ने जब यह सूचना जाकर परीक्षित महाराज को दी तो वह अपना राज्य अपने पुत्र जन्मेजय को सौंपकर गंगा नदी के तट पर पहुंचे। वहां बड़े ऋषि, मुनि देवता आ पहुंचे और अंत में व्यास नंदन शुकदेव वहां पहुंचे। कथा सुनकर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। कथा के दौरान धार्मिक गीतों पर श्रद्धालु जम कर झूमें। कथा में दूसरे दिन बड़ी संख्या में महिला-पुरूष श्रद्धालु मौजूद थे। कथा श्रोता डाक्टर केदारनाथ शर्मा श्री देव प्यासी मंदिर आशीर्वाद गार्डन के पास दमोह।

Manish Gautam Chiefeditor

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