कालापीपल(बब्लू जायसवाल)ग्राम चाकरोद में लंबे समय से चल रहा है बिक्री से प्रतिबंधित शासकीय पट्टे की भूमि पर कब्जों का बड़ा खेल जबकि यह पूरा मामला एसडीएम कोर्ट में प्रचलित हैं,शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि हमारे पट्टे की जमीन पर कुछ लोगो द्वारा कब्जा कर,उस पर व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है,जिसकी हल्का पटवारी शिवनारायण मालवीय द्वारा शिकायतकर्ता की शिकायत पर जांच की गई,तो पटवारी के जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया है,कि जिस जमीन का व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है वहां भूमि शासकीय है,जांच के दौरान पटवारी द्वारा अतिक्रमणकारियों से जमीन के दस्तावेज मांगे तो पटवारी को दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए,अतिक्रमणकारी मौखिक रूप से बता रहे हैं की जमीन हमारी है,पटवारी द्वारा जांच कर रिपोर्ट तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव को सौंपी गई,ओर तहसीलदार द्वारा एसडीएम राजकुमार हलदर को जांच रिपोर्ट भेजीं गई,लेकिन राजस्व अधिकारी अपनी मस्ती में इतने मस्त है कि पटवारी की जांच रिपोर्ट ओर जिला कलेक्टर सुश्री ऋजु बाफना के आदेश पर भी कार्यवाही नहीं करते हैं,क्या अधिकारीयों पर पैसों की खनक य किसी राजनीतिक दबाव है क्या ? जो गरीब हितग्राहीयो की आवाज को दबाने का प्रयास कर रहे हैं,जबकि 64 पट्टों का मामला भी एसडीएम कोर्ट में प्रचलित है और शिकायतकर्ता सरकार के हित के लिए लड़ाई लड रहा है,जबकि सरकारी नुमाइंदे इस मामले में रसुखदरो की पैरवी करते नजर आ रहे है,यदि शिकायतकर्ता की शिकायत पर आदेश जारी होगा तो यह करोड़ों रुपए की शासकीय जमीन शासन को मिलेगी ना की शिकायतकर्ता को,शासन में बैठे सरकारी अधिकारी ही शायद शासन का हित नहीं चाहते हैं।
अंत में:-इतना सब कुछ स्पष्ट होने के बावजूद भी इन भू-माफियाओं पर नियम अनुसार कार्यवाही नहीं होना, मामला शंक के घेरे में आता है।


