रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम/पिपरिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मनीष कुमार पारीक पिपरिया न्यायालय द्वारा आरोपी बलराम ठाकुर तथा दिनेश छीपा को धारा 458 भादवि में 02-02 वर्ष कारावास सहित 2000-2000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 332 भादवि में 01-01 वर्ष कारावास सहित 1000-1000 रुपये अर्थदंड से दण्डित किया गया। मामले मे शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ चौधरी विक्रम सिंह द्वारा पैरवी की गई।
अभियोजन कहानी संक्षेप में इस प्रकार हैं कि आरक्षक राजेश सोनी द्वारा थाना पिपरिया में इस आशय की मौखिक रिपोर्ट लेख करायी गई थी कि दिनांक 5.9.2012 को जब वह पिपरिया थाने में शासकीय कार्य कर रहा था तथा प्रधान आरक्षक अखयराम थाने में एचसीएम का कार्य कर रहे थे, उसी समय थाने में उपस्थित कस्तूरबा वार्ड निवासी अशोक जैन झगड़े की रिपोर्ट लिखा रहे थे। तभी आरोपीगण बलराम ठाकुर, दिनेश छिपा व अन्य चार-पांच व्यक्ति थाने पर आए तथा आरक्षक राजेश को मां बहन की गंदी-गंदी गालियां देकर थाने के अंदर HCM कक्ष में घुस गए। जब आरक्षक कमलेश ने इन लोगों को रोका तो इन लोगों ने उसे धक्का दे दिया तथा आरक्षक राजेश सोनी जिस रजिस्टर पर काम कर रहे थे उस रजिस्टर को टेबल से नीचे गिरा दिया और आर. राजेश के साथ हाथ मुक्कों से मारपीट की। दिनेश छीपा ने आरक्षक राजेश का हाथ पकड़ लिया और बलराम ठाकुर ने उसे दाहिने गाल पर थप्पड़ मारा तथा उसे मां बहन की गंदी गंदी गालियां दी। जब आरक्षक राजेश सोनी ने उनसे छूट कर भागने की कोशिश की तो आरोपी ने थाने में रखे फर्नीचर को लात मारी। घटना घटित होते हुए थाने में उपस्थित एसआई एलके शर्मा, एएसआई एमएल तिवारी, एएसआई पटेल एचसीएम ने देखी। उक्त रिपोर्ट के आधार पर से थाना पिपरिया अपराध कं0 372/2012, अंतर्गत धारा- 294,332, 353, 34 भा०दं०वि० की प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखकर प्रकरण विवेचना में लिया गया।संपूर्ण विवेचना उपरांत पुलिस ने आरोपीगण बलराम तथा दिनेश के विरूद्व अभियोग पत्र न्यायालय मे पेश किया गया था। मामले में विचारण के दौरान धारा 458 का आरोप विरचित किया गया । इस मामले मे अभियोजन द्वारा न्यायालय में 15 अभियोजन साक्षियो के साक्ष्य कराये गये थे। न्यायालय द्वारा अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्य एवं तर्को से सहमत होकर आरोपी बलराम तथा दिनेश को दण्डित किया गया। प्रकरण मे सशक्त पैरवी एडीपीओ चौधरी विक्रम सिंह द्वारा की गई।


