रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम । जिला मुख्यालय नर्मदापुरम की नजदीकी ग्राम पंचायत डोंगरवाड़ा में नए सरपंच का निर्वाचन होना है। नए सरपंच के निर्वाचन की प्रक्रिया में डर और अशांति के माहौल को दृष्टिगत रखकर जनपद सीईओ द्वारा पुलिस थाना देहात प्रभारी से पुलिस बल की मांग भी की गई है। अवगत हो कि डोंगरवाड़ा पंचायत के चर्चित सरपंच माखन कीर (33)के आपराधिक रिकार्ड को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर पूर्व कलेक्टर सोनिया मीना द्वारा 16 मार्च को जिलाबदर किया जा चुका है। इसके बाद से ही ग्राम पंचायत डोंगरवाड़ा में स्थानापन्न सरपंच के निर्वाचन की प्रक्रिया लंबित है। अब सोमवार 4 मई को ग्राम पंचायत की मीटिंग में स्थानापन्न सरपंच का निर्वाचन पंचों द्वारा किया जाना है। सरपंच के निर्वाचन प्रक्रिया में डर और दहशत का माहौल निर्मित ना हो और निर्वाचन प्रक्रिया निर्विघ्न रूप से संपन्न हो, जिसके लिए जनपद पंचायत नर्मदापुरम द्वारा पुलिस बल की मांग भी की गई है।इससे पूर्व 23 अप्रैल को जनपद पंचायत सीईओ नर्मदापुरम द्वारा सचिव ग्राम पंचायत डोंगरवाड़ा को पत्र लिखकर तीन दिवस में विशेष सम्मेलन बुलाकर स्थानापन्न सरपंच का चयन करने का निर्देश दिया था। साथ ही इस बात का पत्र में उल्लेख था कि जिला दंडाधिकारी नर्मदापुरम द्वारा 16 मार्च को ग्राम पंचायत डोंगरवाड़ा सरपंच को 1 वर्ष के लिए जिलाबदर कर दिया है। जिससे ग्राम पंचायत के वर्तमान सरपंच के पद के अधिकार एवं कर्तव्यों के निर्वहन के लिए रिक्त हो गया। अतः विशेष सम्मेलन बुलाकर स्थानापन्न सरपंच का चयन किया जाए। परंतु 27 अप्रैल को बुलाए गए पंचायत के विशेष सम्मेलन में सचिन पूरनलाल वानिया का स्वास्थ्य खराब हो जाने से स्थगित कर दिया गया था। ऐसे में अब पुनः नई तिथि घोषित कर दी गई है। देहात थाना प्रभारी सौरभ पांडे ने बताया कि सोमवार को ग्राम पंचायत डोंगरवाड़ा में नए सरपंच का निर्वाचन होना है जिसके लिए पुलिस बल की मांग की गई है। जनपद सीईओ नर्मदापुरम रंजीत ताराम ने बताया कि डोंगरवाड़ा सरपंच पद के लिए पिछले सोमवार को विशेष सम्मेलन बुलाया गया था जो स्थगित हो गया। आगामी सरपंच चुनाव प्रक्रिया के संबंध में लोवंशी जी से बात कर ले। जनपद के बाबू श्री लोवंशी ने बताया कि सोमवार 4 मई को ग्राम पंचायत की मीटिंग में सभी 16 पंचों द्वारा स्थानापन्न सरपंच का निर्वाचन किया जाना है जो कि पिछड़ा वर्ग से ही होगा। अवगत हो कि जिला दंडाधिकारी नर्मदापुरम द्वारा सरपंच माखन कीर के जिलाबदर आदेश में 28 आपराधिक प्रकरणों का उल्लेख किया गया है। जिसमें वर्ष 2010 से ही आपराधिक रिकार्ड में नाम आ गया था। जिला दंडाधिकारी ने अपने आदेश में यह उल्लेख किया है कि पुलिस द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के अवलोकन तथा अभियोजन पक्ष के प्रतिवेदन एवं अनावेदक के आपराधिक रिकार्ड को देखते हुए यह स्पष्ट होता है कि अनावेदक के विरुद्ध पुलिस द्वारा समय-समय पर की गई कार्रवाई के बाद भी उसके कार्यकलापों में कोई सुधार नहीं आया है। अनावेदक की समाज विरोधी क्रियाकलापों पर तत्काल प्रभाव से नियंत्रित करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5(क) एवं 5(ख)के अंतर्गत आदेश पारित करने के पर्याप्त एवं युक्तियुक्त कारण है। अनावेदक को नर्मदापुरम जिला एवं उससे लगी सीमावर्ती जिले हरदा,बैतूल,छिंदवाड़ा,नरसिंहपुर, सीहोर, रायसेन की राजस्व सीमाओं से 1 वर्ष की अवधि के लिए निष्कासित किया जाता है। साथ ही अनावेदक 48 घंटे के अंदर दर्शित जिले की सीमाओं से बाहर चला जावे और अपने आचरण में सुधार करें। साथ ही इन जिलों की सीमाओं में 1 वर्ष की अवधि तक प्रवेश न करें एवं वापस न लौटे।


