कटनी (25 अप्रैल) – जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए शनिवार 25 अप्रैल से अब मध्यम श्रेणी एवं बड़े किसानों से गेहूं उपार्जन के लिये स्लॉट बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है।छोटे–बड़े सभी किसान भाइयों से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए स्लॉट बुकिंग पूरी तरह से खोली जा चुकी है। स्लॉट बुकिंग की तारीख भी 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई कर दी गई है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी के लिये अब प्रत्येक शनिवार को भी स्लॉट बुकिंग एवं उपार्जन का कार्य जारी रहेगा।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने अधिकारियों को समूची खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और समयबद्ध ढंग से संचालित करने के निर्देश दिये हैं ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की समस्या न हो। जिले में 4 हजार 587 किसानों से अब तक 14 हजार 237 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी समूची उपार्जन प्रक्रिया और व्यवस्थाओं की सतत् समीक्षा करते हैं। जिले में अब तक 23 हजार 583 किसानों ने स्लाट बुक कर लिया है।
उपार्जन केन्द्र की क्षमता अनुसार उपज की तौल की जा सके एवं अधिक से अधिक किसानों से उपार्जन किया जा सके इसके लिये उपार्जन केन्द्र पर प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र पर गेहूं विक्रय के लिये स्लॉट बुकिंग की क्षमता 1000 क्विंटल से बढ़ाकर 2250 क्विंटल प्रतिदिन प्रति उपार्जन केन्द्र किया गया। कृषक द्वारा उपार्जन केन्द्र की प्रतिदिन तौल क्षमता 2250 क्विंटल के मान से स्लॉट बुकिंग की जा सकेगी। सलैया पटोरी अत्याधुनिक साइलो केंद्र में अब तक 390 किसानों से 1 हजार 427 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है।
प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 कर दी गई है, जिससे अधिक संख्या में किसान तथा मात्रा के स्लॉट बुकिंग कराकर गेहूं का उपार्जन किया जा सकेगा। किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं विक्रय में किसी प्रकार की परेशानी न हो एवं उपज विक्रय के लिए इंतजार न करना पड़े इसके लिये किसानों को जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिए पीने का पानी, बैठने के लिए छायादार स्थान, जन सुविधाएं आदि की व्यवस्थाएं की गई हैं।
किसानों को उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिये समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, जिसमें बारदाने, तौल कांटे, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, नेट कनेक्शन, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण, उपज की साफ-सफाई के लिए पंखा, छन्ना आदि की व्यवस्था की गई है।
किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है।


