शिक्षा ने बदली बाबा साहब की जिंदगी : अरुण खोबरे.
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भोपाल: भारतीय स्टेट बैंक भोपाल सर्किल द्वारा स्थानीय प्रधान कार्यालय ऑडिटोरियम में भारत रत्न डॉ.भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पुष्पांजलि अर्पण के साथ हुआ। तत्पश्चात भारतीय स्टेट बैंक भोपाल सर्किल सेवा के महासचिव श्री दिनेश कुमार खसारिया ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कार्यक्रमों पर सभी अतिथियों का स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने बाबा साहब के प्रमुख योगदानों की चर्चा करते हुए महिला सशक्तिकरण के लिए उनके प्रयासों के बारे में बताया । मुख्य महाप्रबंधक श्री प्रभाष कुमार सुबुद्धि ने अपने संबोधन में डॉ.अंबेडकर के विचारों, समानता,एकता, आत्मसम्मान एवं नैतिकता को बैंकिंग कार्य संस्कृति में अपनाने पर बल दिया तथा बैंक की सामाजिक प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
विशिष्ट वक्ता माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल के प्रोफेसर डॉ. अरुण खोबरे डॉ.आंबेडकर के जीवन संघर्ष एवं संविधान निर्माण में उनकी भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब की जिंदगी, शिक्षा ने बदल दी और इसी की बदौलत उन्होंने भारत जैसे बड़े देश का संविधान लिख दिया। शिक्षा और संविधान ने कारण ही आज देश लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय की मुख्य वक्ता डॉ. सीमा माथुर ने कहा कि महिलाओं को शिक्षा एवं बराबरी के अधिकार के लिए बाबा साहब ने बहुत कुछ किया है। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया,जिसमें स्टेट बैंक के अधिकारियो एवं कर्मचारियों द्वारा विभिन्न शाजदर प्रस्तुतियां दी गई।
*समारोह में रंगारंग कार्यक्रमों का भी हुआ आयोजन.*
इस अवसर पर हर्षा रात्रे एवं टीम द्वारा मनमोहक छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य, राजमंगल सोय,आशीष डगर,कमल गजभिए ने मधुर गीतों की प्रस्तुति दी। कैलाश मिश्रा द्वारा शानदार कविता पाठ किया गया। क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन जिसे सुश्री नीता खरे ने सम्पन्न करवाया। समारोह में 350 से अधिक अधिकारी कर्मचारियों को उपस्थिति रही। अंत में भारतीय स्टेट बैंक के एससी, एसटी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री हरिसिंह दलोदिया ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन सुश्री रेणुका साहू एवं सुश्री संगीता खलखो द्वारा किया गया।


