कलेक्टर ऊषा परमार ने शनिवार को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उमराव सिंह मरावी के साथ जिले के अमानगंज एवं पवई क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न स्थानों का भ्रमण किया। इस दौरान कृषक चौपाल लगाकर किसानों की समस्याएं सुनीं और कृषकों से संवाद कर मौके पर ही कुछ समस्याओं का निराकरण भी किया। जिला कलेक्टर ने ग्रामवासियों को नरवाई न जलाने की नसीहत दी तथा कृषि कार्य एवं नरवाई प्रबंधन में उपयोगी स्ट्रॉरीपर जैसे यंत्रों के लाभ बताए। इस दौरान पवई तहसील के मुराछ हल्का पटवारी मुकेश सिंह धुर्वे एवं अमानगंज तहसील के हिनौती हल्का पटवारी अभिषेक रेले को किसानों को नरवाई न जलाने की समझाईश नहीं देने तथा गत दिवस पराली जलने की सूचना से समय पर वरिष्ठ अधिकारी को अवगत न कराने पर इसे शासकीय कार्य में लापरवाही का दोषी मानकर कारण बताओ नोटिस भी जारी किया। कलेक्टर ने नरवाई जलाने की घटना पर संबंधित के विरूद्ध थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने सहित सहित अर्थदण्ड लगाने की चेतावनी दी।
कलेक्टर एवं जिपं सीईओ ने गुनौर विकासखंड की ग्राम पंचायत पिपरवाह एवं हिनौती अमानगंज तथा पवई ब्लॉक की ग्राम पंचायत मुराछ में कृषक चौपाल के दौरान गांव में पेयजल की स्थिति, आयुष्मान सहित स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन, बिजली की उपलब्धता तथा गेहूं उपार्जन के लिए किसान पंजीयन की जानकारी प्राप्त की। कलेक्टर ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा किसानों को पराली जलाने के नुकसान के बारे में जागरूक किया जाए। पिपरवाह क्षेत्र के एक ग्राम में नरवाई जलाने की घटना पर जिला कलेक्टर ने मौके पर ही पंचनामा तैयार कर पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश भी दिए। इस दौरान सभी किसानों द्वारा सामूहिक रूप से नरवाई न जलाने का संकल्प लिया गया। चौपाल में ग्रामीणजनों को मूंग की जगह लाभकारी उड़द फसल के उत्पादन के लिए भी जागरूक किया गया। बताया गया कि गर्मी के मौसम में उड़द फसल की पैदावार में कम पानी की आवश्कता होती है। इसके उपार्जन पर बोनस राशि प्रदान करने का भी प्रावधान है। चौपाल में उपस्थित संबंधित विभागों के मैदानी अधिकारी-कर्मचारियों को नियमित रूप से क्षेत्र भ्रमण एवं किसानों की समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए गए। चौपाल में उपस्थित किसानों से अधिकारियों ने कस्टम हायरिंग सेंटर की सेवाओं तथा कृषि यंत्रों की उपलब्धता के बारे में भी पूछा। इसके अलावा किसानों को खेत में खरपतवार से मुक्ति के उपाय सहित गहरी जुताई के लाभ तथा मृदा की गुणवत्ता बढ़ाने के तरीको की जानकारी भी दी गई। कुछ किसानों द्वारा प्राकृतिक प्रकोप एवं अन्य घटनाओं पर विभिन्न नुकसान की जानकारी से अवगत कराए जाने पर जिला कलेक्टर ने आरबीसी 6-4 के तहत प्रकरण तैयार कर नुकसान की भरपाई के संबंध में आश्वस्त किया। साथ ही मौके पर ही ज्ञात कारण से हुए नुकसान का प्रकरण भी तैयार करवाया गया। कृषि विभाग के कर्मचारियों को किसानों के सतत संपर्क में रहकर उनकी समस्याओं के प्रभावी निराकरण के निर्देश दिए गए। इस दौरान ग्राम विकास संबंधी विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी ली गई।
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छोटे एवं सीमांत कृषकों को स्लॉट बुकिंग में प्राथमिकता
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कृषक चौपाल में क्षेत्रीय किसानों द्वारा गेहूं उपार्जन के दृष्टिगत स्लॉट बुकिंग एवं खरीदी संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान अवगत कराया गया कि गेहूं उपार्जन के लिए शासन के निर्देश मुताबिक लघु एवं सीमांत कृषकों के स्लॉट बुकिंग का कार्य प्राथमिकता से होगा। किसानों को गेहूं उपार्जन केंद्रों पर सभी मूलभूत सुविधाओ के संबंध में आश्वस्त कर स्कंध ग्रेडिंग के लिए प्रति क्विंटल 40 रूपए की निर्धारित राशि संबंधी जानकारी भी दी गई। जिला कलेक्टर ने सभी गेहूं उपार्जन केंद्रों पर किसानों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से उपार्जन केन्द्रवार गठित दल के बारे में भी अवगत कराया। अमानगंज में 6 गेहूं खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ द्वारा किसानों की पेयजल एवं विद्युत संबंधी मांगें भी सुनी गईं और संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर तत्काल समस्या के समाधान के लिए निर्देशित किया गया। स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों की सेवाओं के बारे में ग्रामीणजनों से चर्चा कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की गई।
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जनगणना अंतर्गत स्वयं स्वगणना कार्य पूर्ण करने की अपील
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कलेक्टर श्रीमती परमार ने ग्रामीणजनों को जनगणना 2027 अंतर्गत प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के संबंध में आवश्यक जानकारी दी। ग्राम पंचायत सरपंच सहित युवाओं तथा अन्य लोगों से भी ऑनलाइन स्वयं स्वगणना कार्य पूर्ण करने की अपील की। जिला कलेक्टर ने कहा कि भारत की 16वीं जनगणना एवं देश की स्वतंत्रता पश्चात होने वाली 8वीं जनगणना में नागरिकों को स्वगणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस प्रथम डिजिटल जनगणना में सभी नागरिक अपना अमूल्य योगदान दें। स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस काम में आगे आएं। इस मौके पर किसानों को फॉर्मर आईडी में दर्ज रकबा के सुधार के लिए भी जरूरी जानकारी दी गई। इस दौरान बताया गया कि आगामी दिवसों में फॉर्मर आईडी में दर्ज खसरा एवं रकबा के आधार पर ही उर्वरक वितरण सहित अन्य कृषक योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। कृषक चौपाल में सभी पशुपालकों को अपने गौवंश को सड़कों पर आवारा एवं निराश्रित न छोड़ने की नसीहत दी गई। इसके अलावा राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा योजनाओं के क्रियान्वयन संबंधी जानकारी लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अमानगंज का किया निरीक्षण
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जिला कलेक्टर ने क्षेत्र भ्रमण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अमानगंज पहुंचकर अस्पताल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। यहां दवा वितरण व्यवस्था सहित एक्स-रे एवं टीकाकरण कक्ष, प्रसव कक्ष का अवलोकन किया गया। बीएमओ से एचपीवी वैक्सीनेशन लक्ष्य के विरुद्ध टीकाकृत किशोरी बालिकाओं की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने पैथोलॉजी लैब भी देखा और अस्पताल की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने वार्ड में नवजात शिशुओं की माताओं से भेंट की और हालचाल जाना। बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य के दृष्टिगत आवश्यक सलाह भी दी।
जिला कलेक्टर ने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं में समय पर लक्ष्यपूर्ति तथा शत प्रतिशत पात्र महिलाओं के एएनसी पंजीयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हितग्राहीमूलक योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। इस दौरान पोषण पुनर्वास केंद्र में उपचाररत बच्चों की माताओं से भी भेंट कर आवश्यक जानकारी प्राप्त की तथा सही एवं उचित पोषण के साथ डिस्चार्ज उपरांत नियमित रूप से बच्चों का ध्यान रखने की नसीहत दी। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र परिसर में मैदानी स्वास्थ्य कर्मचारियों की बैठक में पहुंचकर आवश्यक निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड की प्रगति के संबंध में पूछा तथा इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। 70 वर्ष एवं अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को इसका लाभ प्रदान करने के लिए निर्देशित किया गया। स्वास्थ्य अमले को संक्रामक बीमारियों से बचाव एवं रोकथाम के संबंध में समय पूर्व जरूरी तैयारी के लिए निर्देशित किया गया। कलेक्टर ने संस्थागत प्रसव पर जोर देते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी के लिए हरसंभव प्रयास किया जाए। गांव-गांव तक डायरिया एवं लू से बचाव के तरीकों के बारे में प्रचार-प्रसार करें।
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अमानगंज उपार्जन केन्द्र की देखी व्यवस्थाएं
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कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान अमानगंज कृषि उपज मंडी मे स्थापित गेहूं उपार्जन केन्द्र भी देखा। इस दौरान किसानों के लिए छाया एवं पेयजल व्यवस्था सहित बारदाना की उपलब्धता तथा मंडी की अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया गया। उपस्थित किसानों से चर्चा कर शिविर के माध्यम से फॉर्मर रजिस्ट्री में सुधार का कार्य शत प्रतिशत पूर्ण कराने के निर्देश दिए। किसानों से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील भी की गई। साथ ही ई टोकन के माध्यम से उर्वरक के वितरण तथा समय पर खाद्यान्न वितरण कराने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन मेघेन्द्र बंदोपाध्याय एवं पवई तहसीलदार रत्नराशि पाण्डेय सहित उप संचालक कृषि ओ.पी. तिवारी भी उपस्थित


