कटनी। जिले के विजयराघवगढ़ क्षेत्र के ग्राम जमुआनी कला में चल रहा अवैध उत्खनन अब सिर्फ जमीन कब्जाने का मामला नहीं, बल्कि सरकारी खजाने पर खुला हमला बन चुका है।आदिवासी महिला बूटी बाई की जमीन पर हो रहे इस खेल ने प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार खसरा नंबर 864/1 की भूमि पर बिना किसी वैध अनुमति के बड़े पैमाने पर पत्थर उत्खनन किया जा रहा है। आरोप है कि यह पूरा काम कोई मिश्रा द्वारा किया जा रहा है, जहां नियम-कायदों को ताक पर रखकर खुलेआम खनन जारी है।सूत्रों और स्थानीय अनुमान के आधार पर
प्रतिदिन अनुमानित उत्खनन 150–250 घन मीटर पत्थर निकाला जा रहा है जिसका औसत बाजार मूल्य: 800 से 1200 रुपए प्रति घन मीटर है। कुल अवैध कारोबार प्रतिदिन
1 लाख से 3 लाख तक है। सालाना अनुमान 80 लाख से 2.5 करोड़ तक का चूना सरकार को लगाया जा रहा है।
*ब्लास्टिंग से जान का खतरा*
यहां सिर्फ खुदाई नहीं, बल्कि ब्लास्टिंग जैसी खतरनाक गतिविधियां भी की जा रही हैं। इससे आसपास के ग्रामीणों के घरों और जीवन पर खतरा मंडरा रहा है। किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से शिकायतों के बावजूद न तो उत्खनन रुका, न ही किसी प्रकार की सख्त कार्रवाई हुई। इससे साफ है कि या तो जिम्मेदार विभाग पूरी तरह निष्क्रिय है या फिर सब कुछ जानते हुए भी अनदेखा कर रहा है।


