अक्षय तृतीया 2026: भक्तों को साल में एक बार मिलेंगे ठाकुर बांकेबिहारी के चरण दर्शन
बांके बिहारी मंदिर
वृंदावन। श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम एक बार फिर देखने को मिलेगा, जब अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 20 अप्रैल 2026 को ठाकुर बांकेबिहारी जी अपने भक्तों को वर्ष में एकमात्र अवसर पर चरण दर्शन देंगे। इस दुर्लभ दर्शन के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु वृंदावन पहुंचते हैं और अपने आराध्य के चरणों की एक झलक पाने के लिए आतुर रहते हैं।
🌼 परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम
करीब 500 वर्ष पुरानी परंपरा के अनुसार, स्वामी हरिदास द्वारा स्थापित व्यवस्था आज भी अक्षुण्ण है। मान्यता है कि ठाकुरजी के चरणों में अपार दिव्य संपदा विराजमान है और इनके दर्शन मात्र से भक्तों की हर मनोकामना पूर्ण होती है। इसी कारण पूरे वर्ष चरण दर्शन नहीं कराए जाते।
🌼 स्वर्ण मुद्रा की अद्भुत कथा
लोकमान्यता के अनुसार, प्रारंभिक समय में स्वामी हरिदास जी को प्रतिदिन ठाकुरजी के चरणों में एक स्वर्ण मुद्रा प्राप्त होती थी, जिससे मंदिर की सेवा और भोग-राग की व्यवस्था संचालित होती थी। इसी रहस्य और श्रद्धा के चलते चरणों को सदैव आच्छादित रखा जाता है।
🌼 अक्षय तृतीया पर विशेष दर्शन व्यवस्था
20 अप्रैल 2026 को प्रातःकाल ठाकुरजी ‘राजा स्वरूप’ में चरणचौकी पर विराजमान होकर भक्तों को चरण दर्शन देंगे। उनके चरणों के समीप सवा किलो चंदन का लड्डू अर्पित किया जाएगा, जो उस दिव्य स्वर्ण मुद्रा की प्रतीकात्मक झलक मानी जाती है।
वहीं शाम के समय ठाकुरजी के श्रीविग्रह पर चंदन लेपन किया जाएगा और भक्तों को सर्वांग दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होगा।
🌼 लाखों श्रद्धालुओं का उमड़ेगा सैलाब
हर वर्ष की तरह इस बार भी अक्षय तृतीया पर वृंदावन में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन और मंदिर प्रबंधन द्वारा भक्तों की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
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