विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र में एक अलग तरह की राजनीतिक पहल सामने आई है। क्षेत्र के बीजेपी विधायक Sanjay Satyendra Pathak ने ऐलान किया है कि वे अपने कार्यकाल के ढाई साल पूरे होने पर जनता के बीच जाकर खुद का मूल्यांकन कराएंगे।
उन्होंने साफ कहा कि वे जनता से सीधे पूछेंगे कि क्या वे विधायक बने रहने के योग्य हैं या नहीं। यदि उन्हें 51 प्रतिशत से कम समर्थन मिलता है, तो वे पद छोड़ने में भी पीछे नहीं हटेंगे। यह प्रक्रिया किसी औपचारिक सर्वे तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वे खुद घर-घर जाकर लोगों से फीडबैक लेने की बात कर रहे हैं।
कैमोर नगर परिषद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह भी बताया कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाएगी। लोगों से सीधा सवाल पूछा जाएगा और वे स्वयं इस जनमत का क्रॉस चेक भी करेंगे। संभावना जताई जा रही है कि यह अभियान मई या जून से शुरू हो सकता है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी वे ऐसा प्रयोग कर चुके हैं। 2023 विधानसभा चुनाव से पहले ‘जनादेश’ के नाम से उन्होंने क्षेत्र में वोटिंग कराई थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और उन्हें व्यापक समर्थन मिला था।
हाल के समय में विभिन्न विवादों के कारण चर्चा में रहे पाठक के लिए यह पहल राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है। वहीं, इस कदम ने प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है—क्या भविष्य में अन्य नेता भी जनता के सीधे मूल्यांकन की राह अपनाएंगे?
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जब यह ‘जनता का फैसला’ सामने आएगा, तो यह उनके राजनीतिक सफर को किस दिशा में ले जाएगा
मीडिया सूत्र


