मुर्गी घाटी तपोवन पर पूज्य पंडित श्री यादराम जी शास्त्री गोवर्धन मथुरा वालों के मुखारविंद से सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण श्रोता को कराया जा रहा है। जिसमें मां विंध्यवासिनी देवी मंदिर सेवा समिति के सदस्य एवं श्रीमद् भागवत सेवा समिति के सदस्य द्वारा विशाल भंडारे का
प्रतिदिन आयोजन कराया जा रहा है। मुर्गी घाटी जो की अंबा और बौथी के बीच में मां विंध्यवासिनी विराजमान है जहां आने वाले श्रद्धालुओं की सभी मनोकामना पूर्ण होती है प्रतिवर्ष चैती दशहरा एवं कुआर के दशहरे पर देवी भक्त विजय सोनी द्वारा यहां नवरात्रि पर्व पर बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है ऐसा मानना है की यह देवी मुर्गा के ऊपर बैठी हुई है इसीलिए इसे मुर्गी घाटी वाली देवी कहा जाता है ।यहां एक कुआं है जिसमें कभी भी जल की कमी नहीं होती है। यहां आने वाले भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण होती है प्रतिवर्ष नवरात्रि के समय हजारों की संख्या में भक्ति आते हैं और अपनी मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना मा से करते हैं।
हरदा से श्रीराम कुशवाह की रिपोर्ट


