रमजान के पाक महीने के बाद चांद दिखने पर ईद का ऐलान होते ही मुस्लिम भाइयों मै खुशियों का माहौल गुज उठा l
और सुबह से ही देशभर में रौनक देखने को मिली l कल शाम चांद दिखने के बाद पूरे देश में ईद धूमधाम से मनाई गई।
वही कटनी जिले के रीठी मैं
ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास,अमन चैन और भाईचारे के साथ मनाया गया सुबह की नमाज़ अदा करने के बाद लोगों ने गले मिलकर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी और देश में सुख-शांति के दुआ मांगते हुए फकीरों को खैरात बाटीl ईद का त्योहार खुशियों, भाईचारे और अमन-चैन का संदेश लेकर आया, जहां हर चेहरे पर मुस्कान और दिलों में मोहब्बत नजर आई।
त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया था और अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। क्षेत्र में ईद का त्योहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
बता दें कि इतिहास में ,रोजा रखकर ही पैगंबर मोहम्मद ने अपने अनुयायियों के साथ दुश्मन की भारी भरकम सेना को भी धूल चटा दी थी। जंग-ए-बद्र की जीत के बाद खुशी में लोगों का मुंह मीठा करवाया गया था, जिसके बाद से इस दिन को मीठी ईद या ईद-उल-फितर के रूप में मनाया जाता है। ईद उल फितर पर मुस्लिम समुदाय के लोग एक दूसरे का मीठी सेवइयां खिलाकर मुंह मीठा कराते हैं।
रमजान के 30 मुकम्मल रोजों के बाद मिलने वाला यह इनाम केवल जश्न का ही नहीं, बल्कि
आपसी भाईचारे, मोहब्बत और जरूरतमंदों की मदद करने का भी दिन है। अकीदतमंदों ने फितरा और जकात (दान) देकर यह सुनिश्चित किया है कि समाज का हर तबका इस खुशी में शामिल हो सके। शनिवार को सुबह जब लोग एक-दूसरे के गले मिलेंगे, तो दूरियां मिटेंगी और मोहब्बत का पैगाम हर घर तक पहुंचेगा।
हरिशंकर बेन


