रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। शहर में खाली जमीनों पर पिछले कुछ समय से रसूखदार लोगों द्वारा हजारों ट्रक मिट्टी डालकर समतलीकरण किया जाता है। फिर उस पर रात अंधेरे में सफेद चूने से लेआऊट डालकर लोहे के एंगल गाड दिए जाते है
और प्लॉटिंग कर लाखों रुपए मूल्य के प्लॉट विक्रय को तैयार कर दिए जाते हैं। जिनकी शिकायतें भी होती है और कुछ समय उक्त स्थान पर सन्नाटा पसर जाता है और मामला मीडिया की सुर्खियों के साथ प्रशासन की जांच का हिस्सा बन जाता है। ऐसे मामलों में जांच और कार्यवाही क्या होती है वह सामने नहीं आ पाता और अधिकारी एक दूसरे पर बात डाल देते हैं जिसके बाद कुछ समय बाद वहां निर्माण कर शुरू हो जाते हैं। चाहे हम
रसूलिया एसपीएम गेट के सामने की बात करें या अन्य जगहों की। वर्तमान में हम बात कर रहे हैं भोपाल तिराहे पर नमन नर्मदा गार्डन के बाजू से वर्ष 2024 से बड़े रकबे में चल रहे मिट्टी भराव के मामले की। जो की डूब क्षेत्र होने से बाद भी हजारों डंपर मिट्टी का भराव किया गया। उस दौरान जब यह मामला मीडिया की सुर्खियां बना और जिला प्रशासन से शिकायत शिकवे भी हुए। तब सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह ने भी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत की थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए थे और फिर वहां पर काम रोक दिया गया था। जिसकी उन्होंने लिखित शिकायत 21 मई 2025 को कमिश्रर, कलेक्टर और एसडीएम से की थी। विधायक की शिकायत के बाद खाली रकबे पर अवैध मिट्टी डालने का काम रातोरात बंद कर दिया गया था। प्रशासनिक जांच में अभी तक डूब क्षेत्र के उक्त बड़े रकबे पर हजारों डंपर मिट्टी का अवैध उत्खनन कहां से हुआ? किन लोगों द्वारा मिट्टी का उत्खनन कर यहां पर मिट्टी फीलिंग कराई गई, पर आज भी सवाल बरकरार हैं। सूत्रों की माने तो मामला रसूखदारों से जुड़ा होने के कारण प्रशासन जांच ठंडे बस्ते में चली गई है। जिसके बाद पुनः यहां पर मिट्टी का समतलीकरण कर लेआउट डाल दिया गया है। वहीं मिट्टी डलवाने वाले मालिकों पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। शिकायत के माध्यम से विधायक ने भूमिस्वामी को उक्त मिट्टी डालने की अनुमति कब जारी की है? और यह मिट्टी कहां से लाई गई है, इसकी स्पष्टता भी जरूरी है। क्या माईनिंग विभाग से मिट्टी उठाने एवं परिवहन की अनुमति ली गई है कि नहीं जिसकी विधिवत जांच कमेटी बनाई जाकर कार्यवाही की जाए। इस संबंध मेें स्थल मौके की जांच की जाए एवं किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर पूर्ण रूप से रोक लगाई जाए। नर्मदापुरम एसडीएम जय सोलंकी ने बताया कि भोपाल तिराहे पर खाली भूखंड पर लेऑउट डालने का मामला आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है। मैं इस मामले की जांच करवाता हूं। वहीं शहरी तहसीलदार सरिता मालवीय ने बताया कि पिछले दिनों छुट्टी पर थी, उनकी जानकारी में नहीं हैं । निर्माण सम्बन्धी कोई भी अनुमति नहीं दी गई है। एसडीएम कार्यालय से निर्माण की अनुमति दी जाती है।

