
शासन द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों को शिक्षा की सुविधा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिस पर प्रतिवर्ष मोटा बजट भी खर्च किया जाता है। इसके बावजूद बच्चों के लिए बनाए गए छात्रावासों में सुविधाएं कम और असुविधाएं ज्यादा हैं। छात्रावास में रहने वाले छात्रों को न तो सही खाना मिल रहा है और न सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त हैं।सिर्फ औपचारिकताए निभाई जा रही है l
ऐसा ही कुछ मामला कटनी जिले की रीठी शासकीय सीनियर अनुसूचित जाति नवीन छात्रावास का प्रकाश में आया जहा रहकर पढ़ाई करने वाले छात्रों ने शिक्षण शत्र के अंत में नाम ना लिखने की शर्त पर छात्रावास अधीक्षक पर आरोप लगाते हुए बताया कि यहां हमेशा घटिया भोजन खाने को मजबूर रहे हैं। उन्हें यहां व्यवस्थाओं के नाम पर कोई सुविधा नहीं मिल रही हैं । जबकि करोड़ों रुपए की लागत से नवीन बिल्डिंग बनाई गई है छात्रों आप बीती बताई कि यहां की दीवार पर मेनू चार्ट तो लिखा हुआ है परंतु आज तक उसके अनुसार हमें भोजन नहीं दिया गया l रोज एक ही सब्जी खिलाई जाती थी, जिसमें नमक और पानी का ही स्वाद मिलता है। कच्ची रोटी व पतली दाल दी जाती थी । लुगदी जैसे चावल इतनी कम मात्रा में परोसे जाते हैं, जिससे पेट ही नहीं भरता था
सुबह नाश्ते में दिए जाने वाले पोहा में इतनी मिर्ची और नमक डाल दी जाती है कि हम लोग खा ही न पाए और नाश्ता का नाम भी हो जाए l अधीक्षक द्वारा लगातार डांटा-फटकारा जाता है जिससे छात्रावास में रहने वाले छात्र डरे-सहमे रहते हैं। वही मामले को लेकर ग्रामीण और अभिभावकों ने उच्च अधिकारियों से छात्रावास की जांच कर,उचित कार्रवाई करने की मांग की है l
हरिशंकर बेन


