कालापीपल(बब्लू जायसवाल)कालापीपल सहित क्षेत्र में कुछ वर्षों पहले तक नगर में अधिकांश भूमि खुले मैदान के रूप में नजर आती थी,जिनमें शासकीय जमींने भी शामिल हुआ करती थी,लेकिन जब से कालोनाइजरों की काली नजर का ग्रहण शासकीय जमीनों पर पड़ी है, कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों के आगे-पीछे घूमने वालो ने’अवैध कालोनी एवं फार्म हाउस की बाढ़ सी आ गई है और चारों तरफ खाली पड़ी शासकीय जमीनों पर अवैध निर्माण तेज गति से हो रहे हैं,इस पर भी प्रशासनिक निष्क्रियता ने कॉलोनाइजरों के हौसले बैखोफ और बुलंद कर दिए है,जिन्हें ना तो किसी नोटिस का भय है ना ही किसी सख्त कार्यवाही की कोई परवाह है,ये सफेद पोश लोग कानून को अपनी जेब में रखकर चलते हैं,उल्लेखनीय है कि अवैध कॉलोनियों की संख्या लगातार बढ़ रही है,जिस पर रोकथाम के लिए किए जाने
वाली प्रशासनिक कवायद महज औपचारिकता साबित हो रही है,
सिर्फ नोटिस जारी करने तक सीमित प्रशासन…!
जिसके कारण कालोनाइजरों के हौंसले सातवें आसमान पर है,प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही इन लोगों के ऊपर होती नजर नहीं आ रही है,बीते दिनों प्रशासन द्वारा दो दर्जनों भूस्वामियों को नोटिस थमाकर और सूचना पत्र जारी कर जवाब मांगा गया था,किंतु जिस ढंग से कालोनाइजर निडरता के साथ अवैध कालोनियों का विस्तार कर रहे हैं उस से ऐसा बिल्कुल प्रतीत नहीं हो रहा है,प्रशासन के नोटिस का असर नहीं दिख रहा है,
ऐसे खेलते हैं कालोनाइजर शासकीय जमीन पर कब्जा करने का खेल…!
नगर में कॉलोनाइजरों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्होंने बैखौफ होकर सरकारी जमीनों पर कब्जा कर लेते है,इसके लिए भू-माफिया चालाकी के साथ सरकारी जमीन के पास थोड़ी सी जमीन लेकर और उसके बाद जिम्मेदारों से सांठ-गांठ करके सरकारी जमीनों को अवैध कॉलोनियों में तब्दील कर देते हैं,नगर की नई बसाहटों में एसी अनेक जमीन है जो किसी समय सरकारी रिकॉर्ड में
चरनोई भूमि य पट्टेधारीयो के नाम से दर्ज थी और जमीन के जादूगरों की कारीगरी से आज अवैध कॉलोनी में बदल चुकी है
लोग ग्रस्त और कालोनाइजर मस्त…!
जानकारी के मुताबिक नगर में जो अवैध कॉलोनियां विकसित हो रही है,इन कॉलोनियों में सड़क पानी और बिजली जैसी मूल-भूत सुविधाओं का बेहद अभाव है। यहां के निवासी लंबे समय से जिला प्रशासन से शिकायतें कर रहे हैं और बिना डायवर्सन के तैयार हो रही अवैध कालोनियों की फेहरिस्त काफी लंबी है जिनका आगामी खबरों में सप्रमाण उल्लेख किया जाएगा फिलहाल हद तो यह भी है कि खुलेआम नगर में एक कॉलोनाइजर द्वारा लोगों को उपहार का लालच देकर प्लाटों का विक्रय किया जा रहा है,जो पूरी तरह नियम विरुद्ध है फिर भी प्रशासन मौन है।सरकारी नोटिस भी बने मजाक,और ना ही उन पर कोई ठोस वैधानिक कार्यवाही जिम्मेदार नहीं कर पा रहे हैं।अब देखना यह दिलचस्प होगा कि भू-माफियाओं को थमाए गए नोटिस पर पहले कार्यवाही है या फिर भू-माफियाओं की फेहरिस्त की संख्या में बढ़ोतरी।
अंत में:-लेकिन इनकी सुनवाई करने वाले निष्क्रियता की चादर ताने ने कुंभकर्णी नींद में सोए रहे हैं।ऐसे में सरकारी नियम कायदों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने वालों पर प्रशासनिक अंकुश की कमीं सीधे तौर पर जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली को भी संदेह के
घेरे में खड़ा कर रही है।


