जिन्होंने बंजर भूमि को समेकित कृषि से समृद्ध बनाया है। उनकी सफलता किसान कल्याण वर्ष 2026 की पहल का प्रेरक उदाहरण है। किसान कल्याण वर्ष मध्यप्रदेश शासन ने 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया है, जिसमें किसानों की आय बढ़ाने, प्राकृतिक खेती और सिंचाई पर जोर दिया जा रहा है। इस वर्ष विभिन्न योजनाओं से 27,000 करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है, जिसमें मत्स्य पालन नीति भी शामिल है। भूमि परिवर्तन इनवाती ने 6 एकड़ पथरीली भूमि को 7 वर्षों में उपजाऊ बनाया, खेत तालाब और कूप रिचार्ज से जलस्तर बढ़ाया। पहले पानी की कमी से खेती कठिन थी, अब गर्मी में भी सिंचाई संभव है। नवाचार उन्होंने तालाब में मछली पालन के साथ जिले में पहली बार मखाना खेती शुरू की, बिहार के राष्ट्रीय मखाना केंद्र से प्रशिक्षण लिया। रोहू, कतला सहित 7 प्रजातियों से पिछले वर्ष 1.20 लाख आय हुई। आय स्रोत फल-सब्जी से 8.50 लाख (शुद्ध लाभ 8.04 लाख)पशुपालन से 90 हजार (शुद्ध लाभ 74 हजार)मत्स्य पालन से 1.20 लाख (शुद्ध लाभ 70 हजार)फसल से 85 हजार (शुद्ध लाभ 55 हजार)कुल वार्षिक आय 11.45 लाख, शुद्ध लाभ 10.03 लाख। केला, ड्रैगन फ्रूट आदि से अतिरिक्त कमाई।सरकारी सहायता राष्ट्रीय कृषि विकास, पीएम सिंचाई, मनरेगा से तालाब-ड्रिप, आत्मा से प्रशिक्षण मिला। वे अन्य किसानों को प्राकृतिक खेती सिखाते हैं।सम्मान2025 में गौ आधारित खेती के लिए राज्य स्तर पर पहला पुरस्कार (1 लाख रुपये ), जिला सर्वश्रेष्ठ कृषक। कलेक्टर, सांसद ने भ्रमण कर सराहना की।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


