मध्य प्रदेश में लंबे समय से लंबित निगम-मंडल और एल्डरमैन की नियुक्तियों को लेकर अब जल्द फैसला हो सकता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष Hemant Khandelwal ने संकेत दिए हैं कि पार्टी स्तर पर नामों पर लगभग सहमति बन चुकी है और केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी मिलने के बाद सूची जारी की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि पार्टी पहले संगठन से जुड़ी सभी नियुक्तियां पूरी करेगी। इसके बाद एल्डरमैन और फिर निगम-मंडल के पदों पर नियुक्तियों की घोषणा की जाएगी। इस प्रक्रिया को लेकर पार्टी के अंदर तेजी से काम चल रहा है।
युवाओं और सक्रिय कार्यकर्ताओं को मिलेगा मौका
प्रदेश नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि इन नियुक्तियों में नए और सक्रिय कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। खासतौर पर ऐसे नेताओं को आगे लाने की रणनीति है जो लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहे हैं।
पार्टी का यह भी कहना है कि पूर्व मंत्री या हाल ही में चुनाव हार चुके नेताओं को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। इसके बजाय संगठन में सक्रिय और योग्य कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देने पर जोर रहेगा।
कांग्रेस से आए नेताओं के लिए भी खुला रास्ता
भाजपा ने संकेत दिए हैं कि कांग्रेस छोड़कर पार्टी में शामिल हुए योग्य नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी अवसर मिल सकता है। यदि वे संगठन के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं और उनकी योग्यता उपयुक्त है, तो उन्हें भी जिम्मेदारी दी जा सकती है।
अप्रैल में होगी प्रदेश कार्यकारिणी की पहली बैठक
भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी की पहली कार्यसमिति बैठक अप्रैल में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में संगठन की रणनीति, आगामी चुनावों की तैयारी और पार्टी की गतिविधियों पर चर्चा होगी।
इसके बाद हर तीन महीने में नियमित रूप से कार्यसमिति की बैठक आयोजित करने की योजना है, जिससे संगठन को और अधिक सक्रिय बनाया जा सके।
लंबे समय से लंबित थीं नियुक्तियां
मध्य प्रदेश में निगम-मंडल और एल्डरमैन की नियुक्तियां काफी समय से लंबित हैं। Mohan Yadav के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद से ही पार्टी कार्यकर्ता इन पदों की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, नाम तय करते समय सामाजिक संतुलन, संगठन में सक्रियता और पार्टी के प्रति समर्पण जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा गया है।
राजनीतिक रूप से क्यों अहम है फैसला
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला भाजपा संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ आने वाले चुनावों की तैयारी का हिस्सा भी है। इससे नए कार्यकर्ताओं को अवसर मिलेगा और संगठन में ऊर्जा बढ़ेगी।
अब अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद सामने आएगा और उम्मीद है कि अप्रैल तक नियुक्तियों की सूची जारी की जा सकती है।


