कटनी (05 मार्च) – वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति निकट आते ही राजस्व वसूली को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर श्री आशीष तिवारी द्वारा हाल ही में खदान संचालकों की आयोजित समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि खनिजों का पूर्ण क्षमता से उत्खनन करते हुए निर्धारित समय-सीमा में रॉयल्टी एवं डेड रेंट की राशि शासन के खाते में अनिवार्य रूप से जमा कराई जाए।
निर्देशों की अवहेलना करने वाले पांच खदान धारकों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए उनकी खदानें निरस्त कर दी गई हैं।
पांच खदानों पर गिरी गाज
उपसंचालक खनिज श्री रत्नेश दीक्षित ने बताया कि जिन खदानों को निरस्त किया गया है, उनमें –पीयूष जैन, ग्राम परसवारा,मनोज पाण्डे, दादर सिहुडी,मेसर्स व्हाईट मिनरल, दादर सिहुडी (पत्थर क्रेशर खदान)स्नेहलता जैन, नयाखेड़ा (फर्शी पत्थर खदान) शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त असाटी मिनरल की मार्बल खदान को लंबे समय तक बंद रखे जाने के कारण पर्यवसित (समाप्त) कर दिया गया है।
एक दर्जन से अधिक खदानों को नोटिस,
जिले में दो वर्ष से अधिक समय से शिथिल पड़ी लगभग एक दर्जन से अधिक खदानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं डेड रेंट की बकाया राशि जमा नहीं करने वाले करीब दो दर्जन खदान संचालकों को डिमांड लेटर जारी कर शीघ्र भुगतान के निर्देश दिए गए हैं।जिनमें मे. विनीत मार्बल (ग्राम छपरा), मे. विकास मार्बल (ग्राम छपरा),मे. त्रिवेणी मार्बल (ग्राम कछारगांव), समदड़िया इंटरप्राइजेज (ग्राम छपरा),
श्री राजीव पाटिल (ग्राम गेंडा),
मे. इटालियन मार्बल (ग्राम पौड़ी), मे. लक्ष्मी गौड़ मार्बल प्रा. लि. (ग्राम छपरा),मेसर्स डी.एम. मार्बल्स (ग्राम छपरा),मे. शिवशक्ति मार्बल (ग्राम छपरा), मे. गीतांजली मार्बल (ग्राम छपरा), लक्ष्मी गौड मार्बल एण्ड मिनरल्स (ग्राम निमास), मे. लक्ष्मी स्टोनी मार्म (ग्राम कछारगांव),मे. गरीब नवाज मार्बल (ग्राम अमोच), मे. गुरु कल्याण कृपा मेसर्स एस. अबुल प्रा.लि. (ग्राम निमास), मेसर्स शारदा मार्बल्स (ग्राम निमास), मेसर्स सरिता मार्बल (ग्राम निमास), मे. बी.आर.एम. मार्बल (ग्राम जुजावल),मुख्य है इसके साथ अन्य सभी बकायेदारों जैसे पालीवाल, त्रिवेणी मार्बल, तेजस्विनी माइनिंग सहित अन्य प्रमुख मार्बल खदान संचालकों को अंतिम सूचना पत्र जारी किया गया है।
बकाया न चुकाने पर होगी कुर्की
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निरस्त खदान धारकों द्वारा बकाया राशि समय सीमा में जमा नहीं कराए जाने की स्थिति में मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 के तहत आरआरसी जारी कर चल एवं अचल संपत्ति की कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल स्तर से भी सख्त निर्देश
भोपाल में आयोजित समीक्षा बैठक में सचिव, खनिज साधन विभाग श्री आलोक कुमार सिंह एवं संचालक, खनिज प्रशासन श्री नोबेल फ्रेंक द्वारा मार्च माह में अभियान चलाकर अधिकतम राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।निर्माण कार्यों की रॉयल्टी 15 मार्च तक अनिवार्य कलेक्टर श्री आशीष तिवारी ने समय-सीमा बैठक में सभी लोक निर्माण विभाग , पीआईयू, डब्ल्यूआरडी, एनवीडीए तथा अन्य निर्माण एजेंसियों और शासकीय विभागों को निर्देशित किया है कि भवन निर्माण सामग्री जैसे गिट्टी, बोल्डर, रेत, मुरूम आदि की रॉयल्टी एवं बाजार मूल्य की राशि 15 मार्च तक खनिज मद में जमा कराना सुनिश्चित करें।
यह भी निर्देश दिए गए हैं कि यदि कार्य एजेंसियों द्वारा रॉयल्टी क्लियरेंस प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो संबंधितों से बाजार मूल्य के दर से वसूली की जाए और शासन के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पूर्व शत-प्रतिशत राजस्व संग्रह सुनिश्चित करने के लिए खनिज विभाग द्वारा सतत मॉनिटरिंग और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


