कटनी प्रशासन पर गंभीर आरोप! 1 साल बाद भी किसान की शिकायत नहीं सुलझी, चुपचाप बंद
कटनी जिले में सी एम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक साल बीत जाने के बाद भी आवेदक शिकायत क्रमांक 31133787 का निराकरण नहीं किया गया, बल्कि हैरानी की बात यह है कि आवेदक की जानकारी और सहमति के बिना ही शिकायत को बंद कर दिया गया।
यह शिकायत किसान सम्मान निधि जैसी अत्यंत संवेदनशील और जीवन-निर्वाह से जुड़ी योजना से संबंधित थी। किसान अपनी मेहनत की फसल उगाकर देश का पेट भरता है, और जब वही किसान मदद के लिए दरवाज़ा खटखटाए तो उसे लापरवाही, टालमटोल और फाइलों की धूल के हवाले कर दिया जाए—यह न सिर्फ व्यवस्था की विफलता है, बल्कि किसान के आत्मसम्मान
( इस निराकरण को ध्यान से पढ़े )
पर सीधा प्रहार है।
कटनी में यह कैसा प्रशासन है, जहाँ शिकायत न सुनी जाती है, न सुलझाई जाती है, और ऊपर से कागज़ों में “निराकरण” का तमगा लगा दिया जाता है! क्या यही सुशासन है? क्या यही जवाबदेही है? एक साल तक किसान को उम्मीद के सहारे बैठाए रखना और फिर बिना पूछे शिकायत बंद कर देना—यह प्रशासनिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठा नहीं तो और क्या है?
अब सवाल यह है कि किसान की आवाज़ आखिर सुनेगा कौन? क्या किसान सम्मान निधि केवल भाषणों और पोस्टरों तक सीमित रह गई है? क्या ज़मीनी सच्चाई सिर्फ फाइलों में दफन है?
⚠️ यह सिर्फ एक शिकायत नहीं, बल्कि सिस्टम के खोखलेपन की चीख है।
⚠️ यह लापरवाही नहीं, बल्कि किसान के हक़ का खुला अपमान है।
अब भी समय है—जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय हो, शिकायत का वास्तविक और पारदर्शी निराकरण किया जाए, और दोषियों पर सख़्त कार्रवाई हो।
किसान की चुप्पी को उसकी कमजोरी मत समझिए—यह सब्र है, जो टूटे तो तूफ़ान बनता है। 💥
शिकायत कर्तो दारा दुबारा शिकायत की 36904779 जिसे विना शिकायत कर्तो की जानकारी के स्वत बन्द की जा रही


