कटनी — मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टर्स–कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के विभिन्न एजेंडा बिंदुओं की गहन समीक्षा की। बैठक में रोजगार, उद्योग एवं निवेश, लोक सेवा प्रबंधन, सुशासन, कानून-व्यवस्था, ग्रामीण विकास, शिक्षा सहित विभिन्न विभागों की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।
कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी कक्ष से आशीष तिवारी (कलेक्टर), अभिनय विश्वकर्मा (पुलिस अधीक्षक), तपस्या परिहार (निगमायुक्त), गर्वित गंगवार (डीएफओ) एवं नीलाम्बर मिश्रा (अपर कलेक्टर) वर्चुअली जुड़े। अन्य जिला अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।
🔹 प्रमुख निर्देश एवं बिंदु
हर घर नल से जल योजना: लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को शेष कार्य मार्च माह में अनिवार्य रूप से पूर्ण करने के निर्देश।
ग्रामीण विकास: आजीविका मिशन के अंतर्गत लखपति दीदियों को ऋण स्वीकृति एवं रोजगार गतिविधियों से जोड़ने पर जोर।
शिक्षा:
1 अप्रैल से नए शिक्षा सत्र की सभी तैयारियां पूर्ण हों।
निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
छात्रावास अप्रैल में प्रारंभ किए जाएं।
3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों का आंगनवाड़ी में प्रवेश सुनिश्चित हो।
6 वर्ष तक के बच्चों के मानसिक विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग समन्वय से कार्य करें।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) से पूर्व सभी स्कूलों में बालिका शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
उद्योग एवं निवेश:
प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एमएसएमई सेक्टर विकसित किया जाए।
एक जिला–एक उत्पाद योजना के अंतर्गत चयनित फसल को जीआई टैग दिलाने तथा उसकी मार्केटिंग–ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान।
वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने के दृष्टिगत कृषि नवाचारों को बढ़ावा।
पीएम गति शक्ति योजना: किसानों को सोलर पंप लगाने हेतु प्रोत्साहन और कार्य में तेजी।
कानून-व्यवस्था: संवेदनशील बस्तियों में सुरक्षा बलों व फायर ब्रिगेड की सुगम आवाजाही के लिए अतिक्रमण हटाने के निर्देश।
अन्य समीक्षा: संकल्प से समाधान अभियान, जनगणना कार्य एवं सड़क सुरक्षा की भी विस्तार से समीक्षा की गई।


