विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में परंपराओं और नई व्यवस्थाओं को लेकर चल रहा विवाद अब चरम पर पहुंच गया है। हाई पावर्ड कमेटी की 12वीं बैठक के बाद लिए गए निर्णयों के विरोध में बुधवार को हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब मंदिर के गर्भगृह पर ताला लगा दिया गया।
इस कदम से सेवायत गोस्वामियों और श्रद्धालुओं में भारी रोष फैल गया। देखते ही देखते मंदिर परिसर में विरोध तेज हो गया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। सेवायतों का कहना है कि सदियों पुरानी परंपराओं को दरकिनार कर नई व्यवस्थाएं थोपने का प्रयास किया जा रहा है, जो स्वीकार्य नहीं है।
वहीं प्रशासन का तर्क है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और मंदिर व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए ये फैसले आवश्यक हैं। हालांकि गर्भगृह में ताला लगाए जाने की घटना ने विवाद को और भड़का दिया है।
फिलहाल मंदिर परिसर में पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन और सेवायतों के बीच वार्ता की कोशिशें जारी हैं, लेकिन समाधान निकलने तक बांके बिहारी मंदिर का यह विवाद आस्था और प्रशासन के टकराव का बड़ा मुद्दा बन गया है।


