रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। प्रसिद्ध धर्माचार्य आचार्य पंडित सोमेश परसाई के सानिध्य में श्री विद्या ललिताम्बा समिति नर्मदापुरम के तत्वाधान में 16 दिवसीय श्री नर्मदा परिक्रमा तीर्थयात्रा का शुभारंभ 20 फरवरी को प्रातः 8 बजे मां नर्मदा के सेठानी घाट से प्रारंभ होकर सतरस्ते काली मंदिर होते हुए ओंकारेश्वर रवाना होगी। आचार्य गुरुदेव सोमेश परसाई ने बताया कि नर्मदा परिक्रमा यात्रा का शुभारंभ बैंड बाजा ,डीजे से न होकर ध्वनि प्रदूषण से मुक्त आध्यात्मिक हरे राम की भजन संकीर्तन से किया जाएगा। श्री नर्मदा परिक्रमा तीर्थ यात्रा में करीब 100 भक्त शामिल होंगे। आचार्य श्री परसाई ने मां नर्मदा परिक्रमा तीर्थ यात्रा में जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक पुस्तक भी तैयार की है।
जिसमें नर्मदा परिक्रमा वासियों को साथ में किन वस्तुओं को लेकर जाना है उसका भी उल्लेख किया है। इसी के साथ तीर्थ यात्रा में प्रतिदिन किस प्रकार से आपको यात्रा करनी है और किस प्रकार आपको भजन पूजन संध्या वंदन दैनिक कर्म करने हैं उसका भी विधि विधान से उल्लेख किया है। नर्मदापुरम में यह पहला अवसर होगा जब इतने अधिक लोगों का जत्था एक साथ नर्मदा परिक्रमा के लिए रवाना होगा। इस नर्मदा परिक्रमा यात्रा में सोहागपुर विधायक विजयपाल सिंह अपनी मित्र मंडली और प्रशंसकों के साथ इस एतिहासिक धार्मिक यात्रा में शामिल होंगे। वाहन द्वारा नर्मदा परिक्रमा यात्रा के पूण्य लाभ के संदर्भ में पंडित सोमेश परसाई ने बताया कि नर्मदा परिक्रमा पैदल की जाती है किंतु भगवान् शंकर पार्वती ने नर्मदा परिक्रमा अपने वाहन मयूर (मोर) पर सवार होकर पूर्ण की है। नर्मदा नदी का हर कंकर शंकर है और नर्मदा के दोनों तट पर महादेव विराजमान है इसलिए नर्मदा परिक्रमा यात्रा वाहन द्वारा करने पर प्रतिफल बराबर मिलता है। 7 मार्च को यात्रा समापन उपरांत भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। पत्रकार वार्ता समापन उपरांत आचार्य सोमेश परसाई जी द्वारा पत्रकारों को रुद्राक्ष की माला भेंट कर आशीर्वाद प्रदान किया गया।


