पन्ना जिला के रैपुरा में धान खरीदी व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार आज दिनांक 18 फरवरी की सुबह लगभग 8:00 बजे स्थानीय मीडिया कर्मियों को सूचना मिली कि रैपुरा खरीदी केंद्र में धान की बोरियों में जानबूझकर पानी डाला जा रहा है, ताकि वजन बढ़ाकर अधिक भुगतान लिया जा सके। इसके बाद इन बोरियों को ट्रकों में लोड कर वेयरहाउस भेजा जा रहा था।
सूचना मिलते ही मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। मौके पर जो दृश्य सामने आया, उसने पूरी खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए। बताया जा रहा है कि धान की बोरियों को गीला कर तौल में हेराफेरी करने का प्रयास किया जा रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संतोष अरिहा (तहसीलदार रैपुरा) को फोन के माध्यम से सूचना दी गई। सूचना मिलते ही तहसीलदार मौके पर पहुंचे, निरीक्षण किया और प्राथमिक कार्रवाई करते हुए पंचनामा तैयार कराया। साथ ही पूरे मामले से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई होगी, या फिर मामला कागजों में ही दबा दिया जाएगा?
गौरतलब है कि इससे पहले फतेपुर खरीदी केंद्र में भी इसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आई थी, लेकिन आज तक उस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी लगातार उदासीन बने हुए हैं, जिससे ऐसे कृत्यों को खुली छूट मिल रही है।
👉 किसानों के हक पर डाका डालने वाली इस तरह की हरकतें न केवल व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि सरकार की खरीदी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को भी कठघरे में खड़ा करती हैं।
👉 अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि उच्च अधिकारी इस मामले में सख्त कदम उठाते हैं या फिर यह भी पुराने मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।


