विदेश से करोड़ों रुपए की नौकरी छोड़ कर गांव के जंगल में जमीन लेकर गौ शाला बनाकर गौ माता की सेवा कर रहे हैं ।
वारासिवनी के पास गर्रा चौकी के निवासी आईआईटी सॉफ्टवेयर इंजीनियर श्रवण कुमार टैम्भरे जी और उनकी धर्मपत्नी जो कि कांचीपुरम से चिकित्सा की पढ़ाई पूरी करके पति के साथ विदेश में नौकरी करते थे ।
लेकिन गौ माता से इतना प्रेम है कि दोनों ने करोड़ों रुपए की नौकरी छोड़ कर गांव के जंगल में जमीन लेकर छोटी सी गौशाला बनाए और गोमूत्र से गोबर से और गौ माता के दूध से प्रोडक्ट बना रहे हैं आयुर्वेदिक दवाइयां बना रहे हैं जिसकी पूरी जानकारी उन्होंने वीडियो के माध्यम से दी है ।
टैम्भरे दंपति ने गौ सम्मान आहावान अभियान को अपना समर्थन दिया है।
*संवाददाता शुभम सहारे छिंदवाड़ा*


