MPNEWSCAST मनीष गौतम
मध्यप्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम एक बार फिर मानवता और सेवा की मिसाल बना। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सान्निध्य में आयोजित 7वें सामूहिक विवाह सम्मेलन में 307 गरीब परिवारों की बेटियों का विधि-विधान से विवाह संपन्न कराया गया।
इस ऐतिहासिक आयोजन में हर दुल्हन को गृहस्थी का पूरा सामान, उपहारों के साथ-साथ 30 हजार रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट भी प्रदान की गई, ताकि नवदंपती अपने नए जीवन की मजबूत शुरुआत कर सकें।
कार्यक्रम की भव्यता और सामाजिक संदेश का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें 10 से 15 लाख श्रद्धालु शामिल हुए। देशभर से प्रसिद्ध धर्मगुरु, संत-महात्मा पहुंचे, वहीं 9 देशों के राजदूतों की मौजूदगी ने इसे वैश्विक पहचान दिलाई। इसी संदर्भ में धीरेंद्र शास्त्री ने इसे केवल राष्ट्रीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय आयोजन बताया।
गौरतलब है कि बागेश्वर धाम में यह सामूहिक विवाह का सातवां आयोजन था। हर वर्ष सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह कराकर धाम निरंतर समाज में सेवा, समरसता और संस्कार का संदेश दे रहा है।
निःस्वार्थ सेवा, विशाल जनसहभागिता और वैश्विक उपस्थिति के साथ बागेश्वर धाम का यह आयोजन न केवल एक धार्मिक कार्यक्रम रहा, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक शक्ति का भव्य प्रदर्शन भी बना।


