हमारे विद्यालय में स्वामी दयानंद सरस्वती जी की जयंती बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ महान समाज सुधारक, वेदों के प्रचारक और आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानंद सरस्वती जी की जयंती के उपलक्ष्य में प्रभातफेरी निकाल कर किया गया |उनके बताए सत्य, शिक्षा और संस्कार के मार्ग पर चलने का संकल्प लेकर प्राचार्या जी, विद्यालय के चेयरमैन महोदय, सभी शिक्षक एवं विद्यालय के कक्षा पाँचवी से 11वीं तक के बच्चों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया |
विद्यालय प्रांगण में दीप प्रज्वलन एवं मन्त्रोंचारण से कार्यक्रम की शुरुआत हुई|
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या संजना मधुकर जी द्वारा की गई | उन्होंने अपने उद्बोधन में स्वामी दयानंद जी के जीवन एवं उनके महान कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्वामी दयानंद जी ने “वेदों की ओर लौटो” का संदेश दिया तथा समाज से अंधविश्वास और कुरीतियों को दूर करने का प्रयास किया।‘सत्यार्थ प्रकाश’ स्वामी दयानंद सरस्वती द्वारा रचित ग्रंथ पर प्रकाश डालते हुए नैतिक जीवन, एकेश्वरवाद, बाल विवाह का विरोध, समाज सुधार, सत्य, शिक्षा और संस्कार के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया|

कक्षा सातवीं के छात्र विवान असरानी ने स्वामी जी के आदर्श विचारों पर भाषण दिया | विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा एक सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया गया जिसके माध्यम से सभी को उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा मिली। सामूहिक नृत्य का मार्गदर्शन विद्यालय की शिक्षिका साक्षी सारस्वत द्वारा दिया गया |
मंच संचालन कक्षा आठवीं की छात्रा प्रार्थना देवनाथ एवं अलीना राही द्वारा किया गया| समारोह ने विद्यार्थियों में आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों एवं समाज सुधार की भावना को सुदृढ़ किया|
अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं जिला स्तर पर अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत, कांसय पदक एवं शील्ड प्रदान कर उनका उत्साह वर्धन किया गया |
अंत में डी ए वी गान के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ |



