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Home मध्यप्रदेश कटनी

विद्यार्थियों को श्री अन्न मोटे अनाज के अंतर्गत बाजरा के उत्पादन एवं उपयोग का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।

by Manish Gautam Chiefeditor
February 7, 2026
in कटनी
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विद्यार्थियों को श्री अन्न मोटे अनाज के अंतर्गत बाजरा के उत्पादन एवं उपयोग का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया।
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कटनी। प्रधानमंत्री कॉलेज आफ एक्सीलेंस शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय कटनी में विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर स्वावलंबी एवं स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्राचार्य डॉक्टर सुनील कुमार बाजपेई के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण समन्वयक डॉक्टर व्ही के द्विवेदी के सहयोग से जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे द्वारा जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है इसी क्रम में स्नातक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को श्री अन्नमोटे अनाज के अंतर्गत ज्वार बाजरा मक्का तथा लघु धन्य फसल के अंतर्गत को दो कुटकी रागी कंगनी आदि की जानकारी दी गई। कम पानी तथा कम खर्चे पर यह फसल उगाई जा सकती है यह फसल पानी की कमी होने पर खराब नहीं होती तथा ज्यादा बारिश होने पर भी इसे नुकसान नहीं होता मोटे अनाज की फसल खराब होने की स्थिति में पशुओं के चारे के काम में आती है। इसलिए इनको धान की पराली की तरह जलाना नहीं पड़ता और पर्यावरण प्रदूषण से भी बचा जा सकता है। इनमें कीटों से लड़ने की रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है मोटे अनाज में खाद एवं कीटनाशकों का प्रयोग कम होता है। मोटे अनाज में पोषक तत्व अधिक मात्रा में होते हैं। मोटे अनाज का उपयोग शुगर थायराइड किडनी लीवर लिपिड रोग आदि रोगोंमेंलाभदायक है। श्रीअन्न बाजरा के उत्पादन की उन्नत तकनीक के अंतर्गत भूमि का चुनाव खेत की तैयारी बोनीका समय एवं तरीका बीज की मात्रा उन्नत किस्म बीज एवं कल्चर जैविक खाद सिंचाई प्रबंधन खरपतवार नींदा नियंत्रण अंतरवर्तीय फ़सल कीट एवं रोग नियंत्रण कटाई गहाईतथा विपणन का तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। मोटे अनाज से किसानों को अच्छा बाजार एवं उचित मूल्य मिल सकता है तथा कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त हो सकता है।

Manish Gautam Chiefeditor

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*ओबीसी प्रगति मोर्चा के जिला अध्यक्ष बने एड.सी.बी.पटैल*

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