संवाददाता नीरज गौड़
कानड़: नगर के माताजी रोड स्थित मांगलिक भवन में आयोजित पंचदिवसीय श्रीमद् भगवत वेद कथा के दूसरे दिन कथा वाचक पंडित प्रकाश आर्य ने जीवन के उद्देश्य और वेदों के महत्व पर प्रेरणादायी प्रवचन दिए। उन्होंने कहा कि केवल जल अर्पण से सूर्य की पूजा नहीं होती, बल्कि सूर्य और चंद्रमा के गुणों को अपने जीवन में उतारना ही सच्ची उपासना है।
उन्होंने बताया कि सूर्य उदय और अस्त दोनों समय समान लालिमा के साथ रहता है, उसी प्रकार मनुष्य को जीवन में लाभ-हानि के समय भी समान भाव बनाए रखना चाहिए। कई लोग जीवन तो जी रहे हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि वे क्यों जी रहे हैं।
सूर्य-चंद्र के अनुशासन और नियमितता से जीवन को सही दिशा मिलती है।
पंडित आर्य ने कहा कि आज समाज को ज्ञान की सबसे अधिक आवश्यकता है, लेकिन मनुष्य दिन-रात केवल धन कमाने में ही लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि पशुओं के जैसा जीवन नहीं, बल्कि वेदों के मार्ग पर चलकर सच्चा मनुष्य बनना चाहिए। वेदों का अध्ययन, घर-घर हवन तथा दुखियों की सेवा ही मानव जीवन को सार्थक बनाती है।
उन्होंने जीवन को पेड़ पत्ते के समान बताते हुए कहा कि जैसे पत्ता पेड़ की शाखा पर हरा रहता है। फिर पीला पड़ जाता है, वैसे ही मनुष्य का जीवन भी क्षणभंगुर है। कुछ भी स्थायी नहीं है। मनुष्य ईश्वर को मानता तो है, लेकिन उसे जानता नहीं और मृत्यु को जानता है,
लेकिन उसे स्वीकार नहीं करता। कार्यक्रम के दौरान सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी गई, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथा के समापन पर आरती आयोजित की गई, जिसके पश्चात श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया।
कथा वाचक पंडित प्रकाश आर्य का स्वागत सोंधिया राजपूत समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन के अध्यक्ष जगदीह सिंह सनावदी, ईश्वर सिंह सुरजनी, देव सिंह, पुरसिंह सहित समिति सदस्यों ने स्वागत किया। महिलाओं में तरुलता राठौर, नीलम शर्मा ने मंच पर पंडित प्रकाश आर्य का सम्मान किया।
प्रेस क्लब के सदस्यों ने भी श्रीफल एवं पुष्पमाला भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष संतोष बैरागी, वर्तमान अध्यक्ष दारा सिंह आर्य, सैयद जाफर हुसैन, मुकेश आचार्य, मनोज त्रिवेदी, कैलाश नारायण आर्य, गौरीशंकर सूर्यवंशी एवं गोवर्धन कुम्भकार मौजूद रहे।
कथा के दौरान बाल संत ध्रुव ने गो सम्मान आह्वान अभियान को लेकर मंच से संदेश दिया। उन्होंने पंडित प्रकाश आर्य से आशीर्वाद प्राप्त कर पंडाल में उपस्थित मातृशक्ति से गौ रक्षा का संकल्प दिलाया। साथ ही 27 फरवरी को प्रस्तावित बड़े आंदोलन को सफल बनाने का आह्वान किया।
भजनों की प्रस्तुति भजनोपदेशक हरिओम सरल एवं दिलीप आर्य ने दिया मंच पर आर्य समाज के प्रचारक पंडित काशीराम आर्य का भी आयोजको तुम्हारा स्वागत किया गया ।


