पन्ना जिले के चर्चित शाहनगर हत्याकांड में अदालत ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश पवई सोम पाण्डेय की अदालत ने युवक की नृशंस हत्या के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर रुबिया बहेलिया और चितावर सिंह को उम्रकैद एवं अर्थदंड से दंडित किया। उपरोक्त मामले का विवेचना पूर्व शाहनगर थाना प्रभारी घनश्याम मिश्रा द्वारा क़ी गई थीं।
अभियोजन के अनुसार, उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी 30 वर्षीय विकास पाण्डेय की मुलाकात बागेश्वर धाम दर्शन के दौरान अनूप सिंह से हुई थी। इसी दौरान विकास ने एक ऐसी मणि का जिक्र किया था, जो अंधेरे में चमकती बताई गई। इसी मणि को लेने के उद्देश्य से 19 अगस्त 2023 को विकास अपने साथियों के साथ शाहनगर पहुंचा। जहां खमतरा निवासी चितावर सिंह और उसके पुत्र इकबाल सिंह से संपर्क हुआ। शाम के समय आरोपियों ने विकास और अनूप सिंह को मणि दिखाने के बहाने जंगल में बुलाया। कार में विकास के दो साथी बाहर रुक गए, जबकि विकास और अनूप जंगल के भीतर चले गए।
पहले रुपए देने को लेकर शुरू हुआ था विवादः वहां पहले पैसे देने और फिर मणि देने को लेकर विवाद हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। चितावर सिंह ने चाकू से विकास की पीठ और पैर पर ताबड़तोड़ वार किए, जबकि अन्य आरोपियों ने लात-घूंसे से हमला किया। गंभीर रूप से घायल विकास की मौके पर ही मौत हो गई।
बीच-बचाव करने पहुंचे अनूप सिंह पर भी हमला किया गया, जिससे वह घायल हो गया, लेकिन किसी तरह जान बचाकर भाग निकला। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और रातभर तलाश के बाद तड़के जंगल के गड्ढे में विकास का लहूलुहान शव बरामद किया। थाना प्रभारी शाहनगर घनश्याम मिश्रा ने विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय में पेश किया। सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए रुबिया बहेलिया को आजीवन कारावास एवं डेढ़ हजार रुपए और चितावर सिंह को आजीवन कारावास एवं 2 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।


