कटनी जिले मैं अधिकांश बालक व बालिका छात्रावास अपनी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे है। कुछ छात्रावासों में शिक्षकों को अधीक्षक की जगह डयूटी कराने से, इनका समय स्कूल व छात्रावास के बीच में लटक कर रह गया है।अधिकतर पूरा दिन स्कूल में बच्चों को पढ़ाने के बाद वह छात्रावास की अपनी जिम्मेदारी भूल जाते है l
और छात्रावास को दूसरे के हवाले सोप देते है l नतीजा बच्चो की असुरक्षा और उनके खानपान व अन्य सुविधाओ में कमी l
ऐसा ही एक मामला कटनी जिला विकासखंड का नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास हरदुआ नंबर 1 का प्रकाश में आया l
जहा बताया जाता है कि पूरा छात्रावास सहायक वार्डन के भरोसे चल रहा है जबकि यहां की वार्डन मृदुला यादव ईपीईएस निषाद राज वेंकटरमन विद्यालय कटनी की माध्यमिक शाला की शिक्षिका पद पर कार्यरत हैं l वही उन्हे नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास हरदुआ नंबर 1की भी जिम्मेदारी सौपी गई है
और छात्रावास में वार्डन ना रहकर उनके स्थान पर स्कूल के शिक्षकों को छात्रावास का कार्य भार सौंप रखा है।
ऐसे मैं सहायक वार्डन द्वारा हॉस्टल संचालन और मुख्य वार्डन का स्कूल कार्यों में व्यस्त होना,यह छात्रावास प्रबंधन में गंभीर लापरवाही और सुरक्षा में चूक पैदा कर रहा है। यह स्थिति छात्रों की निगरानी में कमी, भोजन/स्वच्छता के मुद्दों और संभावित अनुशासनात्मक मामलों को जन्म दे सकती है, क्योंकि वार्डन की अनुपस्थिति में छात्रावास में सुरक्षा और सुचारू संचालन प्रभावित होना लाजमी है। जबकि
हॉस्टल वार्डन का मुख्य कार्य छात्रों की सुरक्षा और दैनिक कार्यों (मेस, स्वच्छता) की निगरानी करना होता है। जब मुख्य वार्डन की जगह सहायक वार्डन यह जिम्मेदारी निभाती है, तो निर्णय लेने की शक्ति सीमित हो सकती है। वही
हॉस्टल में छात्र रजिस्टर की जांच और रात्रि में सुरक्षा सुनिश्चित करना वार्डन का कर्तव्य है। सहायक वार्डन के भरोसे हॉस्टल रहने से इन मानकों में कमी आ रही है।
ऐसी स्थिति में, उचित हॉस्टल प्रशासन सुनिश्चित करने के लिए ग्रामीणों ने अधिकारियों से मांग की है ताकि बच्चों की सुरक्षा और देखरेख सुनिश्चित हो सके।
इनका कहना है
स्कूल शिक्षिका को छात्रावास वार्डन का प्रभार सोपा गया है , यदि अनिमताए पाई जाती हैं तो इसकी जांच की जाएगी l
जिला शिक्षा अधिकारी
राजेश अग्रहरि


