रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। भारतीय सांस्कृतिक आध्यात्मिक परंपरा और सांप्रदायिक सद्भावना के प्रतीक संत शिरोमणि श्री रामजी बाबा मेले का आयोजन प्रारंभ हो गया है। जहां प्रतिदिन हजारों की संख्या में मनोकामना लेकर श्रद्धालु बाबा की समाधि के दर्शन कर आशीर्वाद ले रहे हैं। वहीं रामजी बाबा समाधि स्थल पर माघ पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। इस दिन देश और प्रदेश भर से हजारों की संख्या में बाबा की समाधि पर मनोकामना के साथ श्रद्धालु यहां पर पहुंचते हैं। माघ पूर्णिमा के अवसर पर प्रतिवर्ष मां रेवा सांई समिति द्वारा भंडारे का आयोजन किया जाता है। रविवार को भी
माघ पूर्णिमा के अवसर पर हजारों की संख्या में बहुत श्रद्धालु बाबा की समाधि के दर्शन कर भंडारे में शामिल हुए। मां रेवा सांई समिति के अध्यक्ष मुकेश बाथरे बताते हैं कि करीब 15 वर्ष पूर्व हमने 5 किलो की सूजी के हलवे से प्रसादी वितरण की शुरुआत की थी। बाबा के आशीर्वाद से समिति का यह 16 वा वर्ष है और इस वर्ष 20 कुंटल गेहूं की पुड़ी, सब्जी, नमकीन, मीठी बूंदी प्रसादी का यहां वितरण किया गया है। सभी के सहयोग से भंडारे का आयोजन होता है। इस पुनीत कार्य में समाधि स्थल के गुरु विजयदास महंत जी का विशेष योगदान रहता है। एक दिन पूर्व से ही तैयारी शुरू हो जाती हैं और पूजा अर्चना उपरांत सुबह 11 से भंडारा शुरु होकर देर रात तक चलता है।एक पंगत में करीब 700 लोगों को प्रसादी वितरित की जाती है। वितरण कार्य में बड़ी संख्या में समाजसेवी सहयोगी युवा साथी सहयोग प्रदान करते हैं। देर शाम तक 20 से 25 हजार के लगभग श्रद्धालु यहां भोजन प्रसादी ग्रहण कर चुके हैं। आयोजन में हमारे साथी राजीव गौर,राजेश गौर, कमलेश बाथरे, महेश बाथरे, पवन चौकसे, मुन्नालाल राय,राजू डोंगरे सहित अन्य साथियों का विशेष योगदान रहता है। आज भंडारे के प्रसाद को पाने के लिए समाजसेवी डॉ. अतुल सेठा, पत्रकार राजीव अग्रवाल, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सीमा कैथवास ,पार्षद मीना वर्मा, अधिवक्ता केशव चौहान, अधिवक्ता विजया कदम, अमित खत्री,पूर्व पार्षद श्री राठौर सहित अन्य समाजसेवी जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।


