रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। पुलिस विभाग के स्टेनोग्राफ़र कैडर से पहली बार उप पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नति प्राप्त कर राम राज गुप्ता ने एक नया इतिहास रच दिया है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्ष, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का परिणाम है, बल्कि विभागीय सेवा में वर्षों की निष्ठापूर्ण मेहनत की भी पहचान है। अवगत हो कि इंस्पेक्टर(एम) राजा राम गुप्ता वर्तमान में नर्मदापुरम आईजी कार्यालय में निज सचिव पद पर पदस्थ हैं। पुलिस विभाग में राम राज गुप्ता की कुल सेवा अवधि लगभग 41 वर्ष की रही है। उन्होंने लगभग 13 वर्ष की सीधी सेवा के पश्चात साढ़े 13 वर्ष रीवा में, डेढ़ वर्ष पुलिस मुख्यालय में तथा अंतिम पड़ाव के रूप में साढ़े 13 वर्ष माँ नर्मदा की पावन गोद में पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय नर्मदापुरम में अपनी सेवाएं दीं हैं। अपने सेवाकाल के दौरान उन्हें 33 वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिन्होंने विभागीय नियमों, अनुशासन और कार्यशैली में उन्हें दक्ष बनाया। उन्होंने इसे किसी विश्वविद्यालय की शिक्षा से कम नहीं बताया। अपने वक्तव्य में राम राज गुप्ता ने कहा कि विभाग द्वारा समय-समय पर मिला स्नेह, सम्मान और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उनके उत्कृष्ट सेवाकाल के लिए उन्हें वर्ष 2017 में पुलिस महानिदेशक पदक, 2020 में राष्ट्रपति पदक तथा 2023 में अति उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया। उनकी इस ऐतिहासिक पदोन्नति से पुलिस विभाग में कार्यरत स्टेनोग्राफ़र कैडर के कर्मचारियों में हर्ष और उत्साह का माहौल है। यह पदोन्नति आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत मानी जा रही है। ज्ञात हो कि श्री गुप्ता सीधी जिले के रामपुर नैकिन के मूल निवासी है।


