रिपोर्टर सीमा कैथवास
नर्मदापुरम। उच्च न्यायालय जबलपुर एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण भोपाल बेंच द्वारा नर्मदा नदी के दोनों तट पर 300 मीटर तक कोई भी निर्माण न होने,अवैध अतिक्रमण सहित समस्त अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देश दिए गए थे। उसके बावजूद नगरीय क्षेत्र नर्मदापुरम में नर्मदा नदी किनारे निरंतर निर्माण कार्य हो रहे है। उक्त गंभीर विषय को लेकर नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता पंडित आनंद मिश्रा ने माननीय उच्च न्यायालय सहित मुख्यमंत्री, कलेक्टर सहित प्रशासनिक अधिकारियों से आदेश की अवहेलना होने संबंधी पत्र लिखा है। सामाजिक कार्यकर्ता पंडित मिश्रा ने बताया कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होना चाहिए। साथ ही सर्किट हाउस से लेकर कोठी बाजार, पुराना कमिश्नर कार्यालय,कलेक्ट्रेट से आगे तक नर्मदा किनारे जो भी निर्माण कर हो रहे हैं या हुए हैं उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई की जाए।साथ ही 300 मीटर क्षेत्र में सूचना बोर्ड निर्माण न करने का लगवा दें और ब्रह्मपुत्र नदी की तरह नर्मदा रिवर फ्रंट बनवाया जाए और नर्मदा नदी को गंदे पानी के प्रदूषण से बचाने के साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। अवगत हो कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद नर्मदापुरम मुख्यालय पर नर्मदा नदी किनारे कई निर्माण कार्य हो चुके हैं और निरंतर निर्माण कार्य हो रहे हैं। प्रतिबंध के बावजूद निर्माण कार्य होना कई सवाल खड़े कर रहा है। बताया जाता है कि यहां अधिकांश निर्माण कार्य प्रभावशाली लोगों के ही हैं। जिसके चलते जहां नर्मदा प्रदूषित हो रही है तो वहीं कटाव और नर्मदा किनारे हरियाली पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। नर्मदा नदी के तटीय क्षेत्र से 300 मीटर के दायरे में पूर्ण रूप से निर्माण कार्य किए जाने को लेकर नर्मदा मिशन की ओर से हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। जिसके बाद एनजीटी द्वारा राजस्व अधिकारियों व विशेषज्ञों की एक्सपर्ट समिति गठन कर नर्मदा नदी के तटों के 300 मीटर के क्षेत्र में निर्माण कार्य की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए थे। जिसमें समस्त अवैध निर्माण और अतिक्रमण चिह्नित कर हाय फ्लड लेवल अंकित कर उसे नक्शे एवं डिजिटल माध्यम से तैयार करने के निर्देश दिए थे। जिसके तहत नर्मदापुरम नगर पालिका द्वारा भी टीम गठित की गई थी। इसी तरह अन्य नर्मदा बचाओ समिति और संगठन भी नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए लोगों से आह्वान कर रही है। जीवन दयानी मां नर्मदा को बचाने के लिए जन सहयोग और जन जागरूकता को बढ़ावा दिया जा रहा है।


