मध्य प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर तबादलों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इंदौर में हाल ही में हुई मौतों के बाद पद से हटाए गए निगमायुक्त दिलीप यादव को अब नई जिम्मेदारी के साथ बड़ी पोस्टिंग दे दी गई है।
राज्य सरकार ने दिलीप यादव को मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम का प्रबंध संचालक (MD) नियुक्त किया है। इस फैसले को लेकर प्रशासनिक हलकों में इसे हटाने के बजाय प्रमोशन के रूप में देखा जा रहा है।
दरअसल, इंदौर में हुई घटनाओं के बाद दिलीप यादव को नगर निगम आयुक्त पद से हटाया गया था। उस समय सरकार ने इसे प्रशासनिक कार्रवाई बताया था, लेकिन अब नई नियुक्ति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
26 IAS अधिकारियों के तबादले
इसी आदेश के तहत राज्य सरकार ने 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले भी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी सूची में कई जिलों के कलेक्टर, निगम आयुक्त और विभागीय प्रमुख शामिल हैं।
विपक्ष का हमला
इस पूरे मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्ष का कहना है कि
“यदि किसी अधिकारी को लापरवाही के कारण हटाया गया था, तो उसे इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देना किस संदेश को दर्शाता है?”
वहीं सरकार का पक्ष है कि
“तबादले और नियुक्तियां पूरी तरह प्रशासनिक आवश्यकता और अधिकारी के अनुभव के आधार पर की जाती हैं।”
बड़ा सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि
क्या यह कार्रवाई वास्तव में जवाबदेही तय करने की दिशा में है,
या फिर प्रशासनिक गलती पर भी इनाम देने की परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है?
फिलहाल, दिलीप यादव की नई जिम्मेदारी और 26 IAS तबादलों को लेकर प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है।
डिस्क्लेमर
यह समाचार विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक आदेशों पर आधारित है। इसमें व्यक्त किए गए विचार और आरोप संबंधित पक्षों के बयान एवं सार्वजनिक जानकारियों पर आधारित हैं। मध्य प्रदेश सरकार या प्रशासन की ओर से जारी किसी भी स्पष्टीकरण/अपडेट के अनुसार तथ्य परिवर्तित हो सकते हैं।


