प्रदेश की जनता से एक महत्वपूर्ण अपील की गई है कि वे अपने घरों में उपयोग होने वाले पानी की TDS मीटर से अनिवार्य जांच करें और जांच के बाद ही उसका उपयोग करें।
बताया गया है कि पानी में घुले ठोस पदार्थ (TDS) की अधिक मात्रा स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। दूषित पानी से किडनी, पेट, त्वचा और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, घर के पानी का वॉटर ऑडिट कराना आज के समय की बड़ी ज़रूरत बन चुका है। यह जिम्मेदारी केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि हर नागरिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।
अपील में साफ शब्दों में कहा गया—
“आपकी जान आपके हाथों में है, पानी की जांच करिए, सुरक्षित रहिए।”
लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे समय-समय पर पानी की गुणवत्ता जांचें, जरूरत पड़ने पर उचित फिल्ट्रेशन सिस्टम लगाएं और अपने परिवार के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न करें।



