❄️🚆 कोहरे की कैद में मध्य प्रदेश की रेल लाइफलाइन, 20 मीटर दृश्यता ने ट्रेनों को बनाया ‘कछुआ’, यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें
मध्य प्रदेश में मौसम ने ऐसा पलटा मारा है कि रेल यातायात पूरी तरह बेपटरी होता नजर आ रहा है। मंगलवार सुबह प्रदेश के बड़े हिस्से घने कोहरे की चादर में लिपटे रहे, जहां दृश्यता सिमटकर महज़ 20 मीटर तक पहुंच गई। हालात इतने खराब रहे कि कई रूटों पर ट्रेनें सामान्य गति छोड़ रेंगती हुई दिखाई दीं, जिससे हजारों यात्रियों का सफर घंटों नहीं बल्कि पूरी रात की परीक्षा बन गया।
⏰ घंटों नहीं, आधे दिन की देरी
उत्तर भारत से भोपाल और इटारसी की ओर आने वाली प्रमुख ट्रेनें रिकॉर्ड देरी का शिकार हो गईं। कई ट्रेनें 10 से 14 घंटे तक अपने तय समय से पीछे रहीं। श्रीधाम एक्सप्रेस जहां इटारसी स्टेशन पर साढ़े तेरह घंटे लेट पहुंची, वहीं अगरतला–रानी कमलापति स्पेशल लगभग 14 घंटे की देरी से ट्रैक पर आ सकी। इसके अलावा मालवा, सचखंड, कर्नाटक और तमिलनाडु एक्सप्रेस जैसी भरोसेमंद ट्रेनों की टाइमिंग भी बिगड़ गई।
🥶 प्लेटफॉर्म बना इंतज़ार का मैदान
स्टेशनों पर हालात और भी दर्दनाक रहे। शीतलहर के बीच खुले प्लेटफॉर्म पर बैठे यात्री ठंड से कांपते नजर आए। ट्रेनों के बार-बार रिशेड्यूल होने से न केवल यात्रियों की योजनाएं ध्वस्त हुईं, बल्कि रेलवे का पूरा संचालन चक्र भी लड़खड़ा गया।
🌫️ अभी और बढ़ेगी परेशानी
मौसम जानकारों के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बढ़ती नमी के चलते यह कोहरा फिलहाल राहत देने के मूड में नहीं है। अगले तीन दिन तक सुबह और रात के समय हालात और गंभीर हो सकते हैं।
⚠️ यात्रियों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने आगामी 72 घंटों के लिए घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है और रेल यात्रियों को सलाह दी है कि स्टेशन पहुंचने से पहले ट्रेन की लाइव स्थिति जरूर जांच लें, ताकि अनावश्यक परेशानी से बचा जा सके।
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